फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉक्टरों की हड़ताल, नहीं खुले क्लीनिक

विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल बिल के विरोध में प्रदर्शन
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में आईएमए ने हड़ताल रखकर चिकित्सा सेवाएं बंद रखी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की राष्ट्रीय इकाई के आह्वान पर जिलेभर के चिकित्सकों ने बिल के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन दिया।
विज्ञापन

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरुद्ध आईएमए ने मंगलवार को मेडिकल सेवाएं बंद रखी। आईएमए के डाक्टरों ने सुबह छह से सायं छह बजे तक नर्सिंगहोम, क्लीनिक बंद रखे। इस दौरान केवल इमरजेंसी सेवाएं दी गईं। आईएमए के अध्यक्ष डॉ अशोक शर्मा और सचिव डॉ हेमंत शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सक कलक्ट्रेट पहुंचे और पीएम नरेंद्र मोदी को प्रेषित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया कि नेशनल एग्जिट परीक्षा छात्रों पर अनुचित और मानसिक दबाव है। इस एक्ट के लागू होने से राजनीति का हस्तक्षेप चिकित्सा शिक्षा में बढे़गा। बिल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। बिल में काउंसिल में केवल पांच प्रदेशों के प्रतिनिधि चुने जाने का नियम पूरे देश के लिए भेदभाव और अनुचित है। आयुष, होम्योपैथ और यूनानी डॉक्टर ब्रिज पाठ्यक्रम कराकर उसे एलोपैथिक की प्रैक्टिस की इजाजत देना देश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को अपने तरीके से साठ प्रतिशत सीटों पर फीस निर्धारित करने देना अनुचित है। छह सूत्री मांगों के लिए ज्ञापन दिया गया। इस दौरान डॉ पंकज जैन, डॉ सुनील चौधरी, डॉ डीएस मलिक, डॉ गजराज वीर सिंह, डॉ अनिल कक्कड़, डॉ एमएल गर्ग, डॉ राजेश्वर सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें