स्मार्ट कार्ड के 200 आवेदन लटके
मुजफ्फरनगर। परिवहन निगम के स्मार्ट पर सफर में ट्राईमैक्स कंपनी रोड़ा बन गई है। यात्रियों को जारी स्मार्ट के करीब 200 से अधिक आवेदन कंपनी की लापरवाही से लटके हुए हैं, जबकि पुराने कार्ड भी रिन्यूवल नहीं हो पा रहे हैं। इसकी लगातार शिकायत पहुंचने के बाद निगम अफसरों ने नाराजगी जाहिर की है।
रोडवेज बसों में कैशलेश भुगतान के लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए गए हैं। इन कार्ड में एक माह, पंद्रह दिन के साथ वार्षिक रूप से रुपये सुरक्षित किए जाते हैं, ताकि सफर करते समय बस कंडक्टर को स्मार्ट कार्ड दिखाकर यात्रा की जा सके। जिले में यात्रियों के स्मार्ट सफर पर ट्राइमैक्स कंपनी रोडृा बनी है। डिपो में मासिक पास, स्मार्ट कार्ड बनाए जाने की जिम्मेदारी इसी कंपनी की है, जो यात्रियों के कार्ड बनाती है। डिपो में करीब 200 से अधिक स्मार्ट कार्ड कंपनी की हीलाहवाली की भेंट चढ़ गए हैं। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट कार्ड को लेकर कुछ परेशानी बनी थी, जो अब समाप्त हो गई है। कार्ड जारी किए जा रहे है। किसी यात्री को समस्या है तो वह संपर्क कर सकता है। उसकी समस्या को हल किया जाएगा।
समय 45 दिन का, लग रहे दो माह
मुजफ्फरनगर। स्मार्ट कार्ड का आवेदन करने के बाद यात्री को 45 दिन में कार्ड मिलता है। उसके बाद वह हर माह अपने कार्ड को रिन्यूवल करा सकता है। मगर, डिपो पर हालात ऐसे हैं कि स्मार्ट कार्ड 45 दिन के बजाए दो-दो माह में मिल रहे हैं। कार्ड के लिए यात्री लगातार डिपो पर चक्कर लगा रहे है, लेकिन अधिकारियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
एलआईयू दरोगा ने काटे चक्कर
मुजफ्फरनगर। शहर में ड्यूटी पर तैनात एलआईयू के दरोगा भी ट्राइमैक्स कंपनी की मनमानी के शिकार हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से कार्ड रिन्यू नहीं हो सका है। बृहस्पतिवार को दरोगा ने एआरएम कार्यालय पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर उनका कार्ड रिन्यू हो पाया।