किसान क्रांति यात्रा ऐतिहासिक होगी: टिकैत
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भाकियू देश में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कराने की मांग को लेकर 23 सितंबर से किसान क्रांति यात्रा प्रारंभ करेगी। हरिद्वार से शुरू होने वाली यह यात्रा दो अक्तूबर को दिल्ली के किसान घाट पर संपन्न होगी। देश भर के किसान इस यात्रा में जुटेंगे।
सरकुलर रोड स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार के चार साल पूरे हो गए हैं। जगह-जगह खड़े हो रहे किसान आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों को लेकर गंभीर नहीं है। किसान खेती छोड़ रहे हैं और आत्महत्या बढ़ रही है। फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना किसानों से अधिक बीमा कंपनियों के हित में है। 14 दिन में गन्ने के भुगतान का वादा झूठा साबित हुआ है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट 15 साल से धूल चाट रही है। लागू करना तो दूर संसद में आज तक इस पर चर्चा तक नहीं हुई। भाकियू ने किसानों की समस्याओं को देखते हुए 23 सितंबर से हरिद्वार से किसान क्रांति यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। हरिद्वार के टिकैत घाट से प्रारंभ होकर यह यात्रा दिल्ली के किसान घाट पर दो अक्तूबर को संपन्न होगी। किसानों के उत्पाद का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन के हिसाब से सी-टू फार्मूले के हिसाब से मिलना चाहिए। देश के किसानों के सभी तरह के कर्ज माफ किए जाएं। कुल 15 मांगे भाकियू ने रखी है। किसान क्रांति यात्रा में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के किसान बड़ी संख्या में शामिल होंगे। किसानों की इंडियन कोआर्डिनेशन कमेटी का भी इसमें सहयोग रहेगा। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि 15 अक्तूबर तक चीनी मिलों ने भुगतान नहीं किया और पेराई सत्र का प्रारंभ नहीं किया तो डीएम ऑफिस पर गन्ने भरे जाएंगे। वार्ता में धर्मेंद्र मलिक भी मौजूद रहे।