हाईकोर्ट से ब्लॉक प्रमुख को मिला स्टे
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। रालोद नेता सलमान जैदी के पत्न्नी खुर्शीद फात्मा चरथावल ब्लॉक प्रमुख को अविश्वास प्रस्ताव में बहुमत दिखाने पर हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। इससे भाजपा समर्थकों को झटका लगा है। वहीं, प्रमुख समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
चरथावल ब्लॉक प्रमुख पद पर महिला आरक्षित होने के कारण रालोद नेता की पत्नी खुर्शीद फात्मा निर्विरोध प्रमुख चुनी गई थीं। हालांकि उपचुनाव में दूधली के वार्ड पर भाजपा नेता सौरभ पुंडीर से अपनी माता रामी देवी को बीडीसी बनवाकर प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का बिगुल फूंका था। डीएम को 109 बीडीसी सदस्यों में से 76 के शपथपत्र देकर सौरभ ने प्रमुख के खिलाफ अविश्वास का नोटिस दिया। डीएम ने जांच के लिए एसडीएम सदर को नियुक्त कर दिया। एसडीएम सदर ने मामले में 15 मई की तारीख अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तय कर दी थी. जिससे प्रमुख समर्थकों में हड़कंप मच गया। एसडीएम के आदेश को प्रमुख ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए नोटिस में दिया समय पर्याप्त नहीं होने का मुख्य मुद्दा प्रस्तुत किया। सोमवार को जस्टिस भारती सप्रु की डिवीजन बेंच में मामले की सुनवाई हुई। उन्होंने क्षेत्र पंचायत एक्ट के तहत एसडीएम के आदेश में खामियां मानते हुए अविश्वास प्रस्ताव पर स्थगन आदेश जारी कर दिया। सुबह 11.30 बजे चरथावल प्रमुख स्टे की खबर पहुंची, तो समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रमुख के पति सलमान जैदी ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित कॉपी जिला प्रशासन को भेजवा दी गई है। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने बहुमत होने का दावा किया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भाजपाइयों में मायूसी छा गई।
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ब्लॉक पर अविश्वास के लिए चलती रही तैयारी
चरथावल। सोमवार को खंड विकास अधिकारी डॉ. साजिद अहमद और एसएसआई मनोज चाहल के नेतृत्व अविश्वास प्रस्ताव के एसडीएम द्वारा मंगलवार 15 मई को होने जाने वाली बैठक की तैयारी जोरों पर चलती रही। बीडीओ ने बताया कि उन्हें आला अफसरों को स्टे के संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है। बीडीसी सदस्यों के बैठने के ब्लॉक प्रांगण में टेंट लगवाया गया। उधर, हाईकोर्ट के आदेश से पहले ही प्रमुख समर्थकों ने काफी तादात में बीडीसी सदस्य को लखनऊ और दिल्ली सैर कराने भेज दिया था।
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