करोड़पतियों को अनुदान देने का मामला पीएमओ पहुंचा
मुजफ्फरनगर।
कृषि विभाग की फार्म मशीनरी बैंक योजना के अनुदान में हुई बंदरबांट का मामला पीएमओ पहुंच गया है। करोड़पतियों को दस-दस लाख का अनुदान दिए जाने के खुलासे के बाद केंद्र सरकार की योजना में बरती गई अनियमितता को लेकर विपक्षी पार्टियों ने सवाल खड़े कर रखे हैं। भाजपा सांसद से लेकर सत्ता पक्ष के विधायक तक अपात्रों को अनुदान का अनुचित लाभ दिए जाने की शिकायत लखनऊ में उच्चाधिकारियों से कर चुके हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के लघु और सीमांत किसानों को उन्नत कृषि से जोड़ने के लिएर फार्म मशीनरी बैंक योजना प्रारंभ की थी। जिले में गुपचुप तरीके से करोड़पतियों को अनुदान का लाभ दे दिया गया। चुने गए किसानों में कई बड़े आयकर दाता हैं और अन्य बिजनेस से जुडे़ हैं। अमर उजाला ने अनुदान में हुई बंदरबांट का खुलासा किया तो हंगामा मच गया। सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप और प्रमोद त्यागी ने भाजपाइयों पर भ्रष्टाचार को बढ़ाने का आरोप लगा दिया। रालोद ने जिलाध्यक्ष अजीत राठी और सुधीर भारतीय के नेतृत्व में कृषि उप निदेशक के कार्यालय पर धरना दिया। अनुदान में गड़बड़ी का मामला अब पीएमओ कार्यालय तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने मामले की जांच के लिए पीएम को लिखा है। जिलाध्यक्ष सुमित मलिक ने बताया कि जरूरतमंद किसानों को दस-दस लाख का अनुदान मिलना था, लेकिन कूटनीति के तहत चहेतों को सूची में शामिल कर लिया गया। पीएम से मामले की जांच की मांग की गई है। सांसद डॉ संजीव बालियान पहले ही केंद्रीय कृषि मंत्रालय में धांधली की शिकायत कर चुके हैं। गोपनीय तरीके से भाजपा नेताओं ने भी मामले में हुई किरकिरी के संदर्भ में लखनऊ स्तर पर कार्रवाई करने की मांग रखी है।