खतौली। आर्य समाज शिवपुरी के द्वारा आयोजित होलिकोत्सव के समापन समारोह में डॉ. नरेंद्र वेदालंकार ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के आह्वान पर 1857 से लेकर 1947 तक आर्य समाज के लाखों लोगों ने आजादी के संघर्ष में अपना बलिदान दिया।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने नारी को नरक से निकाल कर पूज्य बना दिया। पाखंड़ियों, रुढ़ियों और समाज विरोधी परंपराओं को समाप्त कराने के भागीरथ प्रयत्न किए। सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि आज युवाओं को संयम और संस्कार देने की आवश्यकता है। इंस्पेक्टर अंबिका प्रसाद भारद्वाज ने कहा कि जब समाज में भारी अज्ञान भरा था, अनेक विसंगति एवं कुरीतियां समाज को विकृत कर रही थी। ऐसे समय में महर्षि दयानंद स्वामी ने समाज को प्रकाशित करने के लिए सत्यार्थ प्रकाश, अमर ग्रंथ की रचना की। इस मौके पर सीओ व इंस्पेक्टर सत्यार्थ प्रकाश ग्रंथ भेंट किया गया। कार्यक्रम में पंडित रामदेव शास्त्री, मोहित शास्त्री, आर्य भजनोपदेशिका सुकीर्ति आर्य आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता राजपाल आर्य व मंशराम आर्य ने और संचालन सत्येंद्र आर्य ने किया। मास्टर जगदीश सिंह, पवन कौशिक, सुशील आर्य, रणसिंह आर्य, अजेश गुप्ता, सुनील आर्य, मास्टर जयपाल सिंह मावी, अरुण धारीवाल, दीपक आर्य आदि का विशेष सहयोग रहा।