सरवट के मदरसा महमूदिया में यूथ क्लब के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें उलमा ने कहा कि अपराध मुक्त समाज की स्थापना के लिए नौजवानों को आगे आना होगा, तभी देश, समाज की तरक्की संभव है।
देवबंद दारुल उलूम से आए मौलाना मुफ्ती राशिद कासमी ने कहा कि तालीम के बिना कोई तरक्की नहीं कर सकता है। मां-बाप बच्चों को दीन के साथ दुनियावी तालीम जरूर दिलाएं। नौजवान अपराध मुक्त समाज की स्थापना करने में सहयोग करें। आने वाली पीढ़ी को ऐसा माहौल दिया जाए कि वह नेक कार्यों के अलावा दूसरे कार्य न सोच भी न सके। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में मुस्लिम वर्ग का भी मुख्य योगदान है। इतिहासकारों ने इसे सही रुप से पेश नहीं किया। जमीयत के जिला महासचिव मौलाना कारी जाकिर हुसैन ने कहा कि मुस्लिम युवा अपना चरित्र निखारने के लिए देशभक्ति और जनसेवा को मकसद बनाते हुए आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा ए हिंद ने देश की आजादी के आंदोलन से लेकर आज तक देश और समाजहित को लेकर अनेक बड़े संघर्ष किए, कुर्बानियां दी। इसके बाद देश में अमन चैन की दुआएं कराई गई। जिला सदर मुफ्ती बिन यामीन, मुफ्ती शुऐब कासमी, मौलाना माज, मौलाना कमीमुल्लाह, कारी आदिल, कारी अब्दुल माजिद, अब्दुल खालिक, हाजी अंजुम, खलील अहमद आदि मौजूद रहे।