श्रीराम कॉलेज में उत्तर प्रदेश आचार्यकुल तीन दिवसीय राष्ट्रीय आचार्यकुल अधिवेशन का समापन हुआ। मुख्य अतिथि शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि सीडीओ अंकित अग्रवाल और राष्ट्रीय युवा योजना के निदेशक डॉ एसएन सुबाराव ने पुरस्कार वितरण किए। अधिवेशन के अंतिम दिन का विषय ‘आचार्यकुल का संगठनात्मक स्वरूप’ रहा।
अतिथियों और संस्था चेयरमैन डॉ एससी कुलश्रेष्ठ, कोआर्डिनेटर डॉ प्रेरणा मित्तल एवं प्रांतीय अध्यक्ष होतीलाल शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि आज समाज जाति और धर्म के नाम पर बंट रहा है। जब तक मनुष्य जाति, धर्म और भाषा के नाम पर बंटा हुआ है तब तक गांधी और विनोबा भावे के सपनों के भारत का निर्माण नहीं हो सकता। जरूरत है हम अपने स्वार्थ को त्याग कर देश के बारे में सोचें। अगर हर एक व्यक्ति देश के निर्माण के लिए बलिदान करेगा तो ही उन्नतिशील एवं प्रगतिशील भारत का निर्माण हो पाएगा। डॉ एसएन सुबाराव ने कहा कि मनुष्य ने देश, समाज और धर्म के बीच रेखाए खींच कर सभी को बांट रखा है जिससे पूरे संसार में अशांति का माहौल बना हुआ है। आज सभी के पास तकनीक है जिससे सभी समस्याओं का समाधान आसानी से निकल जाता है, मगर विज्ञान के पास ऐसी कोई तकनीक नहीं है जिससे बेईमानों को ईमानदार बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि विज्ञान को भी आध्यात्म को अपनाना होगा और पूरे संसार को अध्यात्म की जीवनशैली के बारे में बताने के लिए भारत को आगे आकर विश्व का प्रतिनिधित्व करना होगा। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में तकनीक का सही प्रयोग नहीं हो रहा है, जिससे देश में अव्यवस्था उत्पन्न हो रहीं है। यदि उसी तकनीक का सही प्रकार से प्रयोग किया जाए तो देश निर्माण में उसकी एक अहम भूमिका हो सकती है और गांधी व विनोबा भावे के सपनों को साकार करने की दिशा में प्रभावशाील माध्यम साबित हो सकता हैं। इस दौरान पुरबालियान की पहलवान दिव्या सैन को सम्मानित किया गया। ईश्वरदयाल, सुरेंद्र पाल, चौधरी राजवीर सिंह, मौहम्मद इदरीश, सत्यप्रकाश शर्मा, मास्टर सीताराम, बजरंग मुनि, विष्णुदत्त शर्मा, विनोद जुगलान आदि मौजूद रहे। संचालन आलोक गुप्ता ने किया। देवेंद्र चौधरी, नीतू सिंह, बिन्नू पुंडीर, वैशाली गर्ग, रूपल मलिक, प्राची श्रीवास्तव, रूची श्रीवास्तव, राकेश कुमार, पूजा चौधरी, नियति पंडित आदि का सहयोग रहा।