चांद दिखते ही मजलिसों का दौर शुरू
मोरना। पैगंबर इस्लाम मोहम्मद साहब के नाती हजरत इमाम हुसैन व करबला के शहीदों की याद में शिया समाज द्वारा मजलिसों का आयोजन आरंभ हो गया है। मोरना, बेलड़ा, जौली, ककरौली सहित अन्य स्थानों पर मजलिसों का आयोजन किया गया।
इस मौके पर इमामबाड़ों को सजाया गया है। मजलिसों के दौरान करबला के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला गया तथा मजलिसों की विशेषता व उनके आयोजन पर बल दिया गया। मोरना में इमामबाड़ा अकबर अली मेन बाजार, शबीउल हसन, गढ़ी चांदमियां, ग्राम तिस्सा में इमामबाड़ा दिवान सराय चबूतरेवाला, बुद्धवाला, ऊँचेवाला, ग्राम बेलडा में इमामबाड़ा सगीर हसन ने इमामबाडा अब्बास, वाजिद अली, इमामबाडा सादात ग्राम जौली में इमामबाडा मेंहदी रजा पोर्टवाला, इमामबाडा मेंहदी रजा मद्दनवाला, बडा इमामबाडा, रजब अली दरगाह, हाजी वसी हैदर, अली गौहर व न्याजी का इमामबाडा, ग्राम ककरौली में इमामबाडा हासकुंड, इमामबाडा कोठी, दरगाह शरीफ , इमामबाडा तहसीलदार आदि इमामबाडों को सजाया गया तथा मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भारी संख्या में शिया अकीदतमंद हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा ग्राम टन्ढेडा, युसुफपुर, बेहडा सादात आदि गांवों में स्थित इमामबाडों में मजलिसों का आयोजन किया जा रहा है। अक्टतूबर की पहली तारीख को यौमे आशूरा के दिन ताजियों का एहतमाम किया जाएगा।