पेट्रोल पंप को सील कराया, कार्रवाई के बाद भाकियू का धरना समाप्त
मोरना। मोरना के राधे ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पर घटतौली व गुणवत्ता तथा मानकों को पूरा न करने को लेकर भाकियू का धरना मंगलवार से चल रहा है। भाकियू कार्यकर्ता पेट्रोल पंप पर ताला लगाकर बेमियादी धरने पर बैठ गए। बुधवार को मौके पर पहुंचे तहसील अधिकारियों को बंधक बनाते हुए पेट्रोल पंप मालिक को जेल भेजने की मांग भाकियू नेताओं ने की तथा आला अधिकारियों को बैरंग लौटा दिया। शाम को एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने पहुंचकर अनियमितताएं मिलने पर पेट्रोल पंप को सील कराया तथा स्टॉक रजिस्टर भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। इसके बाद भाकियू ने धरना समाप्त किया।
मोरना में पेट्रोल पंप पर घटतौली की शिकायत गांव ककराला निवासी मनीष ने की थी। मनीष का आरोप था कि पेट्रोल पंप पर घटतौली व मिलावटखोरी की जा रही है तथा मानकों को भी ताक पर रखा गया है, जिसको लेकर भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष योगेश शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन धरना देकर बैठ गए तथा आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। बुधवार को धरने पर पहुंचे तहसीलदार मनोज कुमार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी जगवीर सिंह, नगर पूर्ति निरीक्षक रविंद्र कुमार, क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक अनिल वर्मा व विधिक माप विज्ञान वरिष्ठ निरीक्षक दीप्ति श्रीवास्तव आदि की टीम ने पेट्रोल पर घटतौली व गुणवत्ता की जांच की। जांच पड़ताल में घटतौली होना पाया गया तथा गुणवत्ता की जांच को तेल के सैंपिल भरे। अधिकारियों द्वारा पेट्रोल पंप पर दस हजार रुपये का जुर्माना तथा एक मशीन को बंद करने का आश्वासन दिया। इस पर भाकियू कार्यकर्ता भड़क उठे तथा नारेबाजी करते तहसील अधिकारियों को बंधक बना लिया। बुधवार देर शाम को धरने पर पहुंचे एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने पेट्रोल पंप को सील करा दिया। इसके बाद भाकियू ने धरना समाप्त किया। धरने पर सर्वेन्द्र राठी उर्फ मिन्टू, ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रवीर राठी, देवेंद्र प्रधान, राहुल, बिटटू प्रधान, दीवान सिंह, कल्लू ठाकुर, मुकेंद्र, महकपाल प्रधान, सरदार पलविंद्र, विनय, मोनू चौधरी, सुधीर कुमार, दरयाव आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।