खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को नगर से लेकर देहात क्षेत्र तक छापेमारी की। दाल मंडी बाजार में टीम ने एक नमकीन कारोबारी के घर पर मानकों के विपरीत संग्रहित किए गए नमकीन के स्टाक को जब्त कर सील लगा दी।
शुक्रवार को एफएसडीए विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने दाल मंडी में स्थित अग्रवाल फूड के नाम से चल रही दुकान पर छापा मारा। दुकान मालिक प्रमोद कुमार पुत्र सलेक चंद नमकीन बाहर से बिना बिल के लाकर यहां पर उनको विभिन्न ब्रांड के नाम से पैकेजिंग कराकर बाजार में बेचने का काम करते हुए पाए गए टीम ने प्रमोद कुमार के कायस्थवाड़ा दाल मंडी स्थित आवास पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
वहां पर करीब 125 किलोग्राम नमकीन ऐसी पायी गयी, जो मानकों के विपरीत स्टॉक की गयी थी। अभिहित अधिकारी के निर्देश पर टीम में शामिल फूड इंस्पेक्टरों ने इस भंडार को जब्त करते हुए सील कर दिया।
यहीं से नमकीन के सैंपल जांच के लिए संग्रहित किए गए। इसके साथ ही दाल मंडी में ही व्यापारी अशोक अरोरा की किंग एजेंसी पर भी टीम ने छापा मारा। यहां टीम ने आचार और रंगीन कचरी के नमूने जांच के लिए एकत्रित किए।
एफएसडीए के डीओ विनीत कुमार ने बताया कि शहर में इस कार्यवाही के साथ ही रुड़कली गांव के पास से मिलावटी दूध की रोकथाम के लिए टीम ने दूध ला रहे जावेद पुत्र कासिम निवासी खेड़ी फिरोजाबाद और जान मौहम्मद पुत्र मूसा निवासी कंहेड़ा से दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
यहां से प्रशासन को दूध में मिलावट की बड़ी शिकायतें मिल रही थीं। मौके पर डीओ विनीत कुमार के अलावा मोहित कुमार, राजीव कुमार, अनिल कौशल, विकास कुमार, प्रेमचंद, राकेश कुमार आदि शामिल रहे।
खालापार में मिलावटी आटा पर कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। खाद्य विभाग की टीम ने डल्लू देवता पर गर्ग फैक्ट्री में छापा मारकर आटे के सैंपल भरे। किदवईनगर एवं खालापार में सस्ते दामों पर मिलने वाले आटे के कट्टों में मिलावटी आटा भरकर बेचने की शिकायत विभाग को हुई थी।
सस्ते आटे के तौर पर 180 रुपये प्रति कट्टे के भाव से मार्केट में बेचा जा रहा था। गरीब परिवार के लोग इसे खरीद रहे थे। आटे में बड़े पैमाने पर मिलावट होने के कारण लोगों को कई दिनों से उल्टी दस्त और भी कई बीमारियों की शिकायत पेश आने लगी। क्षेत्र के लोगों ने जब इस आटे में पानी मिलाकर घोल तैयार किया तो एक चौकानें वाली बात देखने को मिली। आटा रबड़ की भांति खिंच रहा था और खिंचने के बाद वापस अपने आकार का हो गया।
किदवईनगर निवासी डॉ जुबैर ने बताया कि दिन में लगभग पांच से छह मामले बच्चों के फूड पाइजनिंग के आ रहे हैं। शुक्रवार को इस शिकायत का नतीजा भी सामने आया। एफएसडीए विभाग के अभिहित अधिकारी विनीत कुमार ने बताया कि गर्ग आटा की शिकायत मिली है। गर्ग आटा का कारोबार शामली रोड पर डल्लू देवता के पास से किया जा रहा है।
वहां पर टीम ने पहुंचकर आटे का सैंपल भरा और उसको जांच के लिए भेजा जा रहा है। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को भी अवगत करा दिया गया है। विनीत कुमार ने बताया कि लोगों ने इस आटे में प्लास्टिक और अन्य घातक सामग्री की मिलावट होने की संभावना जताते हुए जांच की मांग की थी।