फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार लोगों की मौत से फुगाना गांव शोक में डूबा

विज्ञापन
विज्ञापन
बुढ़ाना।
विज्ञापन

फुगाना गांव के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पूरा गांव शोक में डूबा है। चार अर्थियां एक साथ उठी तो ग्रामीणों की आंखें नम हो गई। गरीब परिवार के लोगों की अंतिम यात्रा में भीड़ उमड़ पडी। तीन साल के अबोध बालक ने अपने पिता, माता और भाई की चिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर माहौल गमगीन हो गया।
विज्ञापन

गांव फुगाना निवासी राजेन्द्र (35) बृहस्पतिवार की शाम को अपनी पत्नी रेखा (32) बेटा सावन (10) और तीन माह की बेटी को रेहडे में बैठाकर खरीददारी करने के लिए बुढ़ाना जा रहा था। मेरठ-करनाल हाईवे पर लोई गांव के पास यह परिवार अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया। इस हादसे में सभी लोगों की मौत हो गई। घटना से फुगाना गांव शोक में डूब गया। शुक्रवार को प्रात: करीब साढ़े तीन बजे सभी शव पोस्टमार्टम के बाद गांव में पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। प्रात: करीब सात बजे गमगीन माहौल में तीन वर्षीय बेटे अंशु ने अपने माता, पिता एवं बडे़ भाई की चिता को मुखाग्नि दी। तीन माह की बेटी का गांव वालों ने परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया। राजेंद्र अपने पीछे 80 वर्षीय वृद्ध माता तथा तीन बेटी साक्षी (6), प्राची (5), वसु (4) और बेटे अंशु (3) को छोड़ गया है। तीन बेटियां और एक बेटे का बोझ वृद्ध माता मुन्नी के कंधों पर आ गया है। ग्राम प्रधान जितेंद्र ने बताया कि यह बोझ विधवा मुन्नी नहीं पूरा गांव उठाएगा। बच्चों की पढ़ाई से शादी तक की सारी जिम्मेदारी ग्रामीण वहन करेंगे। हृदय विदारक इस घटना से फुगाना गांव ही नहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें