पैथोलॉजी और नॉन पैथोलॉजी लैब संचालकों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। अब लैब टेक्नीशियनों, संचालकों ने एमडी पैथोलॉजिस्ट्स के खिलाफ आक्रोश जताया है। इस बाबत सीएमओ को भी पत्र दिया गया है। हालांकि लैब के बढ़ते विवाद के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है। वहीं, कार्रवाई के लिए शासन की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।
एमडी पैथोलॉजिस्ट एसोसिएशन ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से जिले में 17 लैब को ही वैध बताया था, जबकि 100 से अधिक चल रही लैबों को फर्जी करार दिया था। एसोसिएशन का तर्क है कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि लैब संचालन के लिए पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट या पीजी चिकित्सक मान्य है। अनुभवी या एमबीबीएस लैब के लिए अथारिटी नहीं है। इसको लेकर अब लैब टेक्नीशियन और संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया है। बुधवार को सीएमओ ऑफिस पर प्रदर्शन किया और एसोसिएशन के कथन का विरोध जताया है। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय में अफरातफरी मची रही। दोनों संगठनों की तकरार बढ़ने की संभावना गहरा गई है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई से बच रहा है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आर्डर आया है, लेकिन शासन स्तर से अभी तक इस पर कोई शासनादेश नहीं मिला है। ऐसे में कार्रवाई करने की बाध्यता बनी हुई है। गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।