कोड के सहारे काम करेंगी मुखबिर योजना
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग की मुखबिर योजना कोड के सहारे काम करेगी। स्वास्थ्य विभाग टीम के प्रत्येक सदस्य को कोड जारी करेगा। इन कोड के जरिये ही सदस्य से छापामारी और कार्रवाई के लिए संपर्क साधा जाएगा। कोड भी पूरी तरह से गोपनीय रहेंगे, जो केवल सदस्य या अधिकारी इस्तेमाल करेंगे। वहीं, अल्ट्रासाउंड केंद्रों द्वारा भेजी गई मासिक रिपोर्ट का अवलोकन किया जा रहा है।
प्रदेश में योगी सरकार ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए मुखबिर योजना शुरू की है। जिले में डिक्वाय आपरेशन चलाकर लिंग परीक्षण करने वालों की धरपकड़ की जाएगी। इसको लेकर मुखबिर योजना पर कार्य शुरू हो गया है। जिला स्तर पर योजना को परवार चढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों को मथना प्रारंभ कर दिया है। पूरी जांच टीम को कोड के सहारे बांधा जाएगा। टीम में एक्सपर्ट से लेकर ग्राहक बनने वाली महिला, उसके परिजनों को कोड मुहैया होगा। जिसकी बदौलत टीम कार्रवाई करेगी।
डिक्वाय ऑप्रेशन का प्रत्येक सदस्य, अधिकारी कोडबद्ध रखा जाएगा। यह कोड भी गोपनीय रहेंगे, जिनका इस्तेमाल आला अधिकारी कार्रवाई की प्रगति जानने के लिए करेंगे। उधर, जिला और तहसीलों में करीब 85 अल्ट्रासाउंड केंद्र विभाग में पंजीकृत है। इनके द्वारा भेजी गई मासिक रिपोर्ट का अवलोकन किया जा रहा है। उसके बाद अगली कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने बताया कि मुखबिर योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। संदेह वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। जिन पर जल्द ही छापामारी होगी।
यह देनी होती है केंद्रों को रिपोर्ट
जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर रोजाना जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं की डिटेल, उसके आधार या पहचान पत्र की जीरोक्स साथ रखनी होती है। उसके बाद किस लिए अल्ट्रासाउंड किया गया है, उसका पूरा ब्यौरा देना होता है। साथ ही समय, दिनांक के साथ मरीज का मशीनरी कोड भी विभाग को देना होता है।
बेटी बचाने पर मिलेगा इनाम
बाल लिंगानुपात की रोकथाम के लिए डिक्वॉय ऑपरेशन (इच्छा ग्राहक) योजना में आरोपियों को पकड़ने वाले को इनाम मिलेगा। जिसमें मुखबिर को 60 हजार रुपये, ग्राहक बनकर जाने वाली महिला को एक लाख रुपये तथा उसके सहायक को 40 हजार रुपये मिलेंगे।