पोषण मिशन में लापरवाही करने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। जिलेे में करीब नौ अधिकारियों ने योजना की सर्वे आख्या रिपोर्ट नहीं दी है। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर कर सभी से स्पष्टीकरण मांगा है।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कहा कि बच्चों का वजन नियमित रूप से जांच कराना सुनिश्चित किया जाएं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर एमओयू टेप एवं वजन मशीनेें उपलब्ध कराई जाएं। गर्भवती महिलाओं की सभी प्रकार की जांच कराई जाएं। हाई रिस्क गर्भवती महिला को सीएचसी पर भिजवाएं। उन्होंने कहा कि अति कुपोषित बच्चों के अभिभावकों की काउंसिलिंग कराकर उपचार किया जाएं। पोषण मिशन से संबंधित कोई अधिकारी लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, अपने-अपने क्षेत्रों की सर्वे रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों का सही आकंड़ा विभाग में दिया जाए।