मुजफ्फरनगर। गारंटीशुदा इलाज का दावा करने वालों पर अब सीधे कार्रवाई होगी। इस तरह का प्रचार गैर कानूनी है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ रविंद्र कुमार ने कहा कि चिकित्सा कार्य में लगे चिकित्सकों का पंजीकरण भी जरूरी है।
डॉ रविंद्र कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर एवं शामली के सभी आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सक को 15 मई तक अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि कोई बिना पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करते पाया जाता है तो उस पर सीधे कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कोई भी चिकित्सक अपने प्रचार में गारंटीशुदा इलाज का दावा नहीं कर सकता, यह चिकित्सा नियमावली के विरुद्ध है। ऐसा भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी। इस प्रकार की वाल पेंटिंग भी नहीं की जा सकती है। जनता को भी यह सलाह दी जाती है कि वह ऐसे भ्रामक प्रचार करने वाले चिकित्सकों के झांसे में न आए जो शर्तिया इलाज की बात करते हैं। दैनिक दिनचर्या नियमित करते हुए प्रतिदिन प्राणायाम एवं योगाभ्यास कर तथा स्वच्छता का पालन करते हुए संचारी एवं गैर संचारी बीमारियों से स्वयं एवं अपने परिवार को बचाने में भूमिका निभाएं।