शहर में कम हुई राशन की 30 दुकानें
मुजफ्फरनगर। राशन घोटाले की जद में आई राशन की सभी 98 दुकानों को निरस्त कर दिया गया। दो माह पहले इनके निलंबन की कार्रवाई करते हुए इनके संचालकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए थे। शहर में राशन की कुल 106 दुकानें हैं। इनमें आठ को छोड़ सभी सस्पेंड हो गई थी। घोटाला उजागर होने के बाद राशन वितरण 64 प्रतिशत रह गया है। जिसके आधार पर शहर में प्रशासन ने 30 दुकानें कम करते हुए 76 की स्वीकृति दी है। 68 नई दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
ई-पॉस मशीन से खुले राशन घोटाले में शामिल शहर की सभी 98 दुकानों को निरस्त कर दिया गया है। इससे पहले इनको सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई थी। शहर में कुल 106 दुकानों में केवल आठ दुकानें ही ऐसी थी जो घोटाले में शामिल नहीं थी। अन्य सभी घोटाले में लिप्त पाई गई। सभी दुकानों के संचालकों पर संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। राशन घोटाले की जांच प्रदेश स्तर पर की जा रही है। घोटाले में आरोपी सप्लाई इंस्पेक्टर मोहिनी मिश्रा को शासन ने सस्पेंड कर रखा है। शासन की सख्ती के बाद शहर में खाद्यान्न वितरण घटकर 64 प्रतिशत रह गया है। बीते दो माह से केवल 64 प्रतिशत लोग ही राशन ले पाए हैं। पूर्ति विभाग ने भी राशन उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर दुकानों को कम कर दिया है। जिला प्रशासन ने 106 के स्थान पर 76 दुकानों को स्वीकृति दी है। शहर में अब 30 दुकानें कम हो गई हैं। आठ दुकानों पर निरंतर राशन का वितरण हो रहा है। अब बची हुई 68 दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर ने बताया कि दुकानों के निरस्तीकरण के साथ की नई दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपभोक्ताओं की संख्या घटने के साथ ही दुकानों की संख्या भी घटा दी गई है।