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हंगामे से शुरू, मौन पर खत्म हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक

Thu, 17 Jan 2019 12:03 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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पालिका बोर्ड की बैठक में हंगामा करते सभासद। - फोटो : अमर उजाला
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करीब सात महीने बाद हुई नगरपालिका बोर्ड की बैठक का आगाज जबर्दस्त हंगामे से हुआ। सरवट में शवदाह गृह के प्रस्ताव पर कुछ सदस्य भड़क गए। नौबत आपस में हाथापाई तक आ गई। सीमा विस्तार पर भी मतभेद रहा। बाद में सांसद और विधायक के समझाने पर सदस्य सहमत हो गए। करीब एक घंटा चली बोर्ड बैठक में रखे गए सभी 76 प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। अंत में सभासद मुन्ना के निधन पर दो मिनट मौन के बाद बैठक समाप्त हो गई। किसी भी स्थिति से निपटने को पुलिस भी बुलाई गई थी।        
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बुधवार सुबह 11 बजे नगरपालिका परिषद की बोर्ड बैठक वंदेमातरम् से शुरू हुई। गत बैठक की कार्रवाई की पुष्टि पर हंगामा हो गया। नगर पालिका बोर्ड की पिछली बैठक की कार्रवाई नहीं मिलने की बात कहते हुए सभासद विपुल भटनागर ने विरोध शुरू कर दिया। अरविंद धनकर ने कार्रवाई का पत्र मिलने की बात कही।

अन्य सभासद भी आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे और हंगामा शुरू हो गया। इस पर पालिका सदस्यों ने शोरशराबा शुरू कर दिया। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान, विधायक कपिलदेव अग्रवाल और पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद एडीएम प्रशासन अमित कुमार ने पालिका सदस्यों को शांत कराया।
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सांसद संजीव बालियान के सरवट में शवदाह गृह बनवाने का प्रस्ताव रखते ही फिर बवाल खड़ा हो गया। वार्ड 28 के सभासद नदीम खान ने विरोध का झंडा बुलंद कर दिया। कई अन्य सभासद भी उनके पक्ष में आ गए। पूनम ने पिछली बैठक में ही यह प्रस्ताव पास हो जाने की बात कही। प्रवीण पीटर व अन्य सभासद भी उनके साथ आ गए। नौबत हाथापाई तक आ गई। कुछ सभासदों ने श्मशान घाट बनने से सांप्रदायिक माहौल बिगडऩे की बात कही। सांसद ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी स्थिति से कानूनन निपटा जाएगा।

विधायक ने धर्म से ऊपर उठकर जनकपुरी, इंदिरा कॉलोनी, रामपुर आदि के लोगों की परेशानी को देखते हुए प्रस्ताव पास करने की अपील की। इस पर सदस्य मान गए। पालिका क्षेत्र का विस्तार और नगर निगम का दर्जा दिलाने के प्रस्ताव पर भी मतभेद उभरा, लेकिन समझाने पर वह भी मान गए। बाद में बैठक में रखे गए सभी 76 प्रस्तावों को पास कर दिया गया।

अन्य प्रस्तावों में 50 सफाई कर्मचारियों की आउटसोर्सिंग से तैनाती करने, शहर में संचालित डेयरियों से नाले में बहने वाले गोबर पर रोक लगाने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन करने, सिकमी किरायेदारों से किराया जमा कराने, नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज का नाम महाराजा अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज करने के प्रस्ताव पास हुए। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने सभी का आभार जताया। बैठक का संचालन ईओ अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कुमार भूपेंद्र ने किया। कुल 48 सदस्य बैठक में शामिल हुए। राष्ट्रीय गान के साथ बैठक का समापन हो गया।         

कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर        
- पाइप लाइन लीकेज मरम्मत के लिए सामान की खरीदारी।       
- सरवट में अमृत योजना से पार्क का निर्माण।        
- रेत वाहनों से वसूली, पार्किंग ठेकों की स्वीकृति।       
- कांवड़ यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग, डिवाइडर आदि के प्रस्ताव।        
- पालिका कैंपस व नेहरू नेत्र चिकित्सालय के बराबर में अंडरग्राउंड पार्किंग, बहुमंजिला लिफ्ट युक्त कांप्लेक्स एवं आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण।       
- भगत सिंह रोड पर पालिका भूमि पर बहुमंजिला लिफ्ट युक्त सब्जी मंडी एवं फुट मार्केट का निर्माण।        
- स्वामी कल्याणदेव जिला अस्पताल के बाहर महिला सामुदायिक शौचालय का निर्माण।        
- कान्हा पशु आश्रय योजना में शेल्टर होम का निर्माण।        
- शिव चौक स्थित तुलसी पार्क में राष्ट्रीय ध्वज हाईमास्ट लगवाना।        
- कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न कार्यों के प्रस्ताव।        
- साकेत कॉलोनी एवं इंद्रा कॉलोनी में तालाबों को कब्जा मुक्त कराना आदि।        

हमसे कुछ नहीं पूछा जाता : अंजू अग्रवाल
नगर पालिका बोर्ड की पूरी बैठक के दौरान चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल चुप बैठी रहीं। सांसद, विधायक और एडीएम ही सभासदों को शांत कराते रहे। अंतिम दौर में उन्हें संबोधन के लिए कहा गया तो चेयरपर्सन ने टिप्पणी की ‘चेयरपर्सन से कुछ नहीं पूछा जाता’। बाद में सख्त लहजे में कहा कि प्रस्ताव 72 में शवदाह गृह ही बनेगा और बैठक के समापन की घोषणा कर दी।       
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