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चार दिन में मिले टीबी के 17 नए रोगी

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मुजफ्फरनगर। टीबी रोगियों को खोजने के लिए चल रहे अभियान के परिणाम सामने आने लगे हैं। चार दिन में 17 नए रोगियों को तलाशा जा चुका है। इन लोगों की हालत ऐसी है कि यदि कुछ दिन उपचार न दिया जाता तो अन्य के भी संक्रमित होने की संभावनाएं बढ़ जाती। फिलहाल इन सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है।
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शासन के निर्देश पर टीबी रोग खोजों अभियान सात जनवरी से शुरू किया गया है। जानसठ ब्लॉक को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में लगभग तीन लाख तीन हजार की आबादी में जांच-पड़ताल करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए 21 टीमें लगी हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य हैं और 17 लैब टेकभनीशियन काम कर रहे हैं। 22 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान में टीबी खांसी, जुकाम और बुखार आदि से पीड़ित रोगियों की जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं उनमें टीबी के लक्षण तो नहीं है। चार दिन के अभियान में 1722 लोगों के बलगम के नमूने लेकर जांच की गई। इनमें से 17 टीबी रोगी पाए गए हैं। इन सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है।
सितंबर में खोजे गए थे 41 रोगी
इससे पहले सितंबर माह में टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चलाया गया था। इस अभियान में तीन ब्लॉक क्षेत्र में तीन लाख 14 हजार की आबादी में जांच की गई थी। अभियान के दौरान 2973 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 41 टीबी रोगी सामने आए थे। इन सभी का उपचार चल रहा है।
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जिले में 4100 मरीजों का हो रहा उपचार
क्षय रोग विभाग में वर्तमान में लगभग 4100 मरीजों का पंजीकरण हैं। इनका डाट्स पद्धति से उपचार किया जा रहा है। सामान्य टीबी से आगे मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस (एमडीआर) के 209 मरीजों का उपचार हो रहा है जबकि एक्सडीआर के नौ मरीज हैं। विभाग का फोकस इस बात पर रहता है कि कोई भी मरीज दवा बीच में न छोड़े। सामान्य टीबी में छह माह तक नियमित दवा खाने से मरीज ठीक हो जाता है।
टीबी रोगियों को खोजने का अभियान चल रहा है। अब तक लगभग 17 धनात्मक रोगी मिल चुके हैं। इनका उपचार शुरू कर दिया गया है। अभियान 22 जनवरी तक चलना है। - डा. लोकेश गुप्ता, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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