पतन का कारण होता है अहंकार: खेमचंद कौशिक
मीरापुर। बालाजी धाम परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथाव्यास पंडित खेमचंद कौशिक ने कहा कि अहंकार किसी भी स्त्री और पुरुष के पतन का कारण बनता है। विषम परिस्थितियों में भी भगवान का स्मरण करना नहीं छोड़ना चाहिए।
कथाव्यास पंडित खेमचंद कौशिक ने अनेक रोचक प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि पत्नी के लिए पवित्र धर्म सर्वोच्च है। जीवन में रूप, धन अथवा शक्ति का अभिमान स्त्री-पुरुषों के लिए पतन का कारण बनता है। इसलिए बढ़ते हुए सम्मान से अभिमान का जन्म नहीं होना चाहिए। गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए कथाव्यास ने कहा कि गोपियों के मन में अभिमान होने से ही भगवान कृष्ण ने उनको कुुछ समय के लिए छोड़ दिया था। इसलिए विषम परिस्थितियों में भी भक्त को भगवान का स्मरण एक पल के लिए भी छोड़ना चाहिए। कथाव्यास ने गोपी-उद्धव संवाद तथा कृष्ण-रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया, जिससे श्रद्धालु झूमने पर विवश हो गए। आयोजन में महंत राजपाल सुकरालिया, पंकज संगल, पंकज गोयल, अरविंद तायल, नीरज मेरठ, मोहित कुमार, बिजेंद्र व जगमोहन का सहयोग रहा।