मुजफ्फरनगर। स्कूली वाहनों की हालत और मनमानी पर सख्त परिवहन निगम ने फिर से सत्यापन के निर्देश दिए हैं। स्कूली रुप में प्रयोग होने वाले प्रत्येक वाहन की जांच होगी। इसके लिए एआरटीओ ने शहर में करीब 250 वाहनों के स्वामियों, स्कूल प्रबंधकों को नोटिस भेजे है। इन्हें 15 अप्रैल को फिटनेस जांच के लिए वाहन उपलब्ध कराने होंगे।
एआरटीओ विभाग ने आठ अप्रैल को फिटनेस से मुंह मोड़ने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। इन स्कूली वाहनों की आरसी निकलवाई गई है। उनका रिकार्ड देखा जा रहा है। जिनमें टाटा मैजिक, वैन, मिनी बस और बस तक शामिल है। करीब 110 स्कूली वाहनों पहले राउंड की जांच में मौजूद नहीं रह सके थे। अब फिर से विभाग ने शहर के करीब 250 स्कूली वाहनों को फिटनेस जांच के लिए नुमाइश मैदान बुलाया है। इनमें सभी तरह से वाहन है, जो 15 अप्रैल को फिटनेस की जांच कराने के लिए उपलब्ध होंगे। हालांकि जनपद में खटारा वाहनों के साथ टेंपू, ई-रिक्शा लगाकर भी स्कूल संचालकों ने वारे-न्यारे कर रखे हैं। अभिभावकों की जेब पर ट्रांसपोर्ट के नाम पर डाका डाला जा रहा है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि स्कूली वाहनों की फिटनेस की फिर से जांच होगी। इसके लिए 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस बार 250 से अधिक वाहन जांच के लिए बुलाए गए हैं।