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परीक्षा में लापरवाही, अधूरे सवालों के बांटे पेपर

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परीक्षा में लापरवाही, अधूरे सवालों के बांटे पेपर
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मुजफ्फरनगर। परिषदीय स्कूलों में चल रही परीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। कक्षा तीन, चार, पांच और आठवीं में जो पेपर बांटे गए, उनमें कई सवाल अधूरे दर्शाए गए हैं, जिन्हें हल करने में छात्र-छात्राओं को परेशानी हुई। आनन-फानन में स्कूलों में बोर्ड पर सवाल लिखकर परीक्षा पूर्ण कराई गई।
जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में परीक्षाएं चल रही है। बृहस्पतिवार को कक्षा तीन, चार, पांच और आठवीं में गणित का पेपर था। छात्र-छात्राओं को पेपर वितरित किए गए, तो विभाग की लापरवाही से पर्दा भी हट गया। परीक्षा में पेपर बनाने में चूक सामने आई है। हालांकि विभाग इसे प्रिटिंग में मिस्टेक बता रहा है। कक्षा तीन के पेपर में तीन अंक का सवाल दिया, लेकिन में छात्रों को करना क्या है, यह नहीं दर्शाया गया है। कक्षा चार में रिक्त स्थानों की पूर्ति दर्शाकर आगे जगह खाली छोड़ दी गई। इसके अलावा भी पांच अंक के एक सवाल को अधूरा दिया गया, जिससे छात्र-छात्राओं को परेशानी हुई। इसी तरह कक्षा पांच में सही जोडे़ मिलाइए...जिसमें 1000 को तीन से गुणा दर्शाया, लेकिन मिलान में कोई आप्शन सही नहीं दिया गया। इसी कक्षा के एक तीन अंक के सवाल को भी अधूरा छोड़ दिया गया। बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर आठवीं की परीक्षा कराने वाले बेसिक विभाग ने पेपर तैयार करने में लापरवाही का नमूना पेश किया है। कक्षा आठ के पेपर में लगातार सवाल नंबर-6, 7, 8, 9 और 11 को अधूरा दर्शाया गया है। अधूरे पेपर को देखकर छात्र-छात्राएं परेशान हो गए। छात्रों ने पेपर को हल करने में असमर्थता जताई तो स्कूलों में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी बीएसए चंद्रकेश यादव को दी गई। आनन-फानन में अधिकारियों ने सभी पेपर में अधूरे सवालों को बोर्ड पर लिखकर पूर्ण किया गया। उसके बाद बच्चों ने परीक्षा दी। उधर, बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव ने बताया कि पेपर छपने में गड़बड़ी हो गई थी, जिसके चलते कुछ सवाल अधूरे प्रकाशित हो गए। संबंधित विषय के शिक्षकों को लगाकर सवाल पूरे किए गए। उसके बाद छात्रों ने पेपर दिए हैं।
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सोशल साइट पर वायरल हुए पेपर
मुजफ्फरनगर। परीक्षाएं समाप्त होने के बाद छात्रों ने अभिभावकों को दिखाए। इसके बाद विभाग की लापरवाही और अधूरे पेपर सोशल साइट पर वायरल हो गए। व्हाट्सएप पर पेपर आने के बाद उच्चाधिकारियों ने भी मामले को संज्ञान में लिया है।
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