बचपन को लगी 55 की बीमारी
मुजफ्फरनगर।
बचपन की आंखों में 55 की उम्र वाली बीमारियां पनप रही हैं। इसके पीछे पढ़ाई का बोझ से भी है और खान-पान के बिगडऩे का कारण भी है। धूल, प्रदूषण होने से आंखों की रैटिना प्रभावित हो रहा है, बच्चों की आंखें बीमार हो गई हैं। जनपदभर में एक साल के भीतर करीब 40 हजार से अधिक बच्चों की आंखों का परीक्षण किया गया है। जांच में बच्चों की आंखें कमजोर मिली हैं।
बच्चों की आंखों में लगातार काजल लगाने का शौक रखते हैं तो सचेत रहने की जरूरत है। काजल आंखों को ठेस पहुंचा सकता है। नजदीक से किताब पढ़ना भी आंखों को दुख पहुंचा रहा है। जिलेभर में स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे कराया है, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बचपन में आंखें बूढ़ी हो रही हैं। विभागीय अफसरों, कर्मचारियों ने अप्रैल माह से लेकर दिसंबर तक करीब 418 स्कूलों का सर्वे किया है। जिनमें लगभग 40656 बच्चों की आंखों की जांच की गई है। यह सभी बच्चे 8 से 14 वर्ष के हैं। इन बच्चों की आंखों में दोष मिला है। यानि अधिकांश बच्चे की आंखें पढ़ाई के बोझ में दबी मिली हैं, जबकि 318 बच्चे ऐसे पाए गए जो बिना चश्में के सही प्रकार से चीजों को पढ़ने और लिखने में अक्षम मिले, इन्हें स्वास्थ्य विभाग ने चश्मे वितरित किए हैं।
इंटरनेशनल पैमाने पर पिछड़ रहे बच्चे
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य आंखों का पैमाना इंटरनेशनल पर छह मीटर रखा गया है, क्योंकि आंखों का विकास जन्म से 9 वर्ष की आयु तक होता है। ऐसे में बच्चों की आंखों के टेस्ट के लिए छह मीटर की दूरी तक कुछ अक्षर पढ़वाने, वस्तु दिखने का परीक्षण होता है। यह परीक्षण बिना चश्मे और किसी डिवाइस के होता है। यदि में इसमें बच्चा फेल हो जाए तो उसकी आंखों का मेडिकल चेकअप किया जाना निश्चित है।
ओपीडी में पहुंचते रोजाना 200 मरीज
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय की ओपीडी में रोजाना 200 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। इनमें पांच वर्ष उम्र से लेकर 60 वर्ष के बुजुर्ग तक होते हैं। बच्चों, महिलाओं की आंखों में एलर्जी के कारण बीमारी मिल रही है, जबकि बुजुर्गों में उम्र का प्रभाव ज्यादा है। विभाग ने एक साल में कुल 24 वृद्धों को नि:शुल्क चश्मोनं का वितरण किया है।
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विभागीय सर्वे पर एक नजर:
माह------स्कूल-----टेस्ट-------रोगी
अप्रैल------43------2214------34
मई--------43-----2214-------34
जून--------43-----2214-------34
जुलाई------43-----2214-------34
अगस्त------43-----2214-------34
सितंबर-------54------3129-----87
अक्तूबर------65------4402-----100
नवंबर-------257-----18895----300
दिसंबर-------488-----40656----518
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अधिकारियों ने कहा...
आंखों में कई तरह से बीमारियां होती हैं। ओपीडी में बच्चे और महिलाओं की आंखों में एलर्जी मिली है, जिससे आंखों पर प्रभाव पड़ा है। अब परीक्षा के समय भी छात्र आंखों की जांच करा रहे हैं, जिसके चलते विजुअल स्थिति प्रभावित निकल रही है।
-डॉ मनोज सैन, नेत्र सर्जन, जिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर।
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वर्षभर अभियान चलाकर बच्चों की आंखों का स्कूलों आदि स्थानों पर टेस्ट किया गया है। जिले में बहुत कम बच्चों की आंखों में दिक्कत मिली हैं। 300 से ज्यादा बच्चों को चश्मों का वितरण किया गया है। आगे भी अभियान चलाएंगे जाएंगे।
-डॉ पीएस मिश्रा, सीएमओ मुजफ्फरनगर।