बिजली के दाम बढ़ाकर जनता से किया धोखा
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली के दाम बढ़ाए जाने पर विपक्षी दलों ने भाजपा पर सीधा हमला किया है। पार्टी की कथनी-करनी में अंतर बताया है। किसान नेताओं ने इसे जनता के साथ धोखा बताया है।
प्रदेश सरकार के बिजली के दाम बढ़ाने की तीखी आलोचना हुई है। सपा जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप का कहना है कि बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में आम उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने का वादा किया था। उद्यमियों को भी सस्ती बिजली देने की बात कही गई थी। बिजली के दाम बढ़ाकर प्रदेश सरकार ने आम जनता के साथ धोखा किया है। इससे आम आदमी का जीना मुश्किल हो जाएगा। भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि बीजेपी की बिजली के दाम बढ़ाने की घोषणा से उद्योगपतियों से इनका प्रेम छलक गया है। किसान-मजदूर पहले ही मुश्किल हालात में जीवन बिता रहा है, ऊपर से बिजली के दाम बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ने का काम सरकार कर रही है। किसान 2014 की गलती अब 2019 में नहीं करेंगे। बसपा जिलाध्यक्ष रामनिवास पाल का कहना है कि भाजपा ने निकाय चुनाव के बाद बिजली के दामों में जानबूझकर बढ़ोतरी की है। चुनाव से पहले ऐसा करते तो पार्टी को जनता के रिएक्शन का पता चल जाता। बिजली के दाम बढ़ाकर गरीबों पर सीधे बोझ लादा गया है। किसान राजीव राठी का कहना है कि सरकार को मजदूरों और किसानों की चिंता नहीं है। एक गरीब आदमी बिजली का महंगा बिल कैसे दे पाएगा। पहले ही अन्य प्रदेशों से यूपी में बिजली महंगी है। दुकानदार सुभाष मित्तल का कहना है कि बिजली के दामों के बढ़ने से आम आदमी पर सीधा भार बढ़ेगा। मंदी से जूझ रहे व्यापारियों के सामने भी परेशानी खड़ी होगी।