उलमा ने छात्रों को पढ़ाया बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ
देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम और दारुल उलूम वक्फ में खत्म बुखारी शरीफ का आयोजन किया गया। इसमें छात्रों को बुखारी शरीफ का आखिरी दर्स (अंतिम पाठ) पढ़ाया गया।
बुधवार रात दारुल उलूम की शेखुल हिंद लाइब्रेरी में आयोजित कार्यक्रम में शेखुल हदीस मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सईद अहमद पालनपुरी ने छात्रों को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह से तालीम हासिल करने के बाद अब छात्रों की जिम्मेदारी बन जाती है कि वह बाहर जाकर पूरी ईमानदारी के साथ दीन इस्लाम की खिदमत करें और इसकी रोशनी को दूसरों तक पहुंचाएं। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य और मुल्क में अमन की दुआ कराई। उधर, बृहस्पतिवार को दारुल उलूम वक्फ में भी खत्म बुखारी शरीफ का आयोजन हुआ। इसमें शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने छात्रों को अंतिम पाठ पढ़ाया। संस्था के मोहतमिम मौलाना सुफियान कासमी ने कहा कि छात्रों की जिम्मेदारी बनती है कि वह यहां से तालीम हासिल करके अब खिदमत के जज्बे से काम करें और बुजुर्गों के बताए रास्ते पर चलकर उनका हक अदा करें। मौलाना अहमद खिजर शाह ने कहा कि हमारा मुल्क कट्टरवाद और सांप्रदायिकता की आग में झुलस रहा है। उन्होंने कहा कि इन सबसे से घबराने की जरुरत नहीं है। क्योंकि जो मुसीबत और परेशानी आज आई है, वो कल चली भी जाती है। इसलिए तालीम और सच्चाई का दामन मजबूती के साथ पकड़े रखें। मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर, मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी, मौलाना फरीदुद्दीन कासमी आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर डा. शकेब कासमी, कारी वासिफ, मुफ्ती अहसान कासमी, मौलाना इस्लाम कासमी, मौलाना शमशाद, मौलवी सिकंदर अली, मो. शादाब, वासिफ आदि मौजूद रहे।
इल्म की रोशनी को हमेशा बरकरार रखे छात्राएं : मदनी
देवबंद। जामिया इल्हामिया मदरसा तुल बनात में हुए कार्यक्रम में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के बेटे मौलाना मुफ्ती अजहर मदनी ने छात्राओं को बुखारी शरीफ का अंतिम पाठ पढ़ाया। मोहल्ला पठानपुरा में हुए कार्यक्रम में मुफ्ती अजहर कासमी ने कहा कि इमाम बुखारी जब भी कोई हदीस लिखा करते थे तो पहले गुसल करते थे। छात्राओं से आह्वान किया कि अब उनकी जिम्मेदारी है कि वह इल्म की रोशनी को हमेशा बरकरार रखें। अंत में उन्होंने छात्राओं के उज्जवल भविष्य, भाईचारे और मुल्क में अमन के लिए दुआ कराई। इस मौके पर अरशी, अय्यूब बेग, शबाना, जैनब, सना, जेबा, जाकिरा, असमा, समेरा, राशिदा,फरीदा, शबनूर, सफवाना, आयशा, कुलसुम आदि मौजूद रहे।