मुजफ्फरनगर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में राष्ट्रीय संत जैन मुनि तरुण सागर को अनुयाइयों और भक्तों ने विनम्र श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने कहा कि मुनिराज के कड़ुवे प्रवचन से प्रभावित होकर लाखों लोगों ने अपनी जीवन शैली बदली और सुख की अनुभूति प्राप्त की।
वहलना में आयोजित विनयांजलि कार्यक्रम में जैन मुनि तरुण सागर के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन किया गया। नरेंद्र जैन, राजीव जैन, अखिलेश जैन, स्वदेश जैन, पंकज जैन, सुभाष जैन, प्रमोद जैन, संजीव जैन ने पुष्प अर्पित किए। मंगलाचरण विरेंद्र जैन ने किया। वक्ताओं ने कहा कि मुनि का निधन समाज और राष्ट्र की अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने दिगंबर जैन परंपरा को जन जन तक पहुंचाया और भगवान महावीर के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी। जितेंद्र जैन ने कहा कि पूरे विश्व में उनके विचारों की गूंज है। रविंद्र जैन ने कहा कि मुनि कहते थे कि वाणी बहुत महत्व रखती है। प्रवीण जैन ने कहा कि उनका निधन एक युग का अंत है। प्रबंध समिति महामंत्री राजकुमार जैन ने कहा कि उन्होंने जैन धर्म को जन-जन का धर्म बनाया। अंतिम बार जिले में उनका मंगल प्रवचन जून 2015 में हुआ था। समिति अध्यक्ष राजेश जैन, मनोज जैन ने महान संत की स्मृतियों को याद किया। संचालन रविंद्र जैन ने किया। उधर, जैन कन्या पाठशाला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में क्रांतिकारी जैन मुनि तरुण सागर का भावपूर्ण स्मरण किया गया। प्रबंध समिति पदाधिकारियों एवं शिक्षकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्राचार्या डॉ सीमा जैन, संजय जैन, राजेश जैन, राजकुमार जैन, महिपाल जैन, सुधीर जैन, डीके जैन आदि रहे।