पुलिस के रवैये से भाकियू में उबाल
मुजफ्फरनगर। पुलिस के रवैये और प्रशासनिक कर्मचारियों के भ्रष्टाचार को लेकर भाकियू में उबाल है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बैठक कर पुलिस पर संवेदनहीन होने के साथ ही उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा प्रशासन में किसानों, मजदूरों की सुनवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। इन मुद्दों को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
महावीर चौक स्थित भाकियू कार्यालय हुई पंचायत में राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों का बोलबाला हो रहा है। सुशासन के नाम पर किसानों और मजदूरों का वोट पाकर सत्ता में पहुंची सरकार अंकुश लगाने में नाकाम है। पुलिस आम लोगों की सुनवाई नहीं कर रही है। किसान और मजदूर के साथ ही आम जनमानस परेशान है। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर अपने अधिकार के लिए संघर्ष करने को तैयार रहें। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि जिले की पुलिस संवेदनहीन हो चुकी है। छपार और भोपा पुलिस के सीमा विवाद में नन्हेड़ी के कर्मवीर का शव तीन दिन तक मोर्चरी पर रखा रहा। भैंसी गांव के ओमपाल का 40 दिन से कोई सुराग नहीं है। पुरकाजी थानाध्यक्ष भाकियू कार्यकर्ताओं को धमकी देने के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। पुलिस-प्रशासन निरंकुश हो चुका है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाकियू की पंचायत में निर्णय लिया गया है कि जनसमस्याएं और जटिल मुद्दों को लेकर 22 सितंबर को जनपद में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान धर्मेंद्र मलिक, नवीन राठी, योगेश शर्मा, जितेंद्र आदि मौजूद रहे।