शिक्षामित्रों ने ठुकराए 10 हजार, मांगी इच्छामृत्यु
मुजफ्फरनगर। शिक्षामित्रों ने दस हजार रुपये प्रतिमाह वेतन के फैसले का विरोध किया है। इस राशि को ठुकराते हुए शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में धरना दिया। नारेबाजी की शिक्षामित्रों को उनका हक दिए जाने की मांग की गई। हक नहीं दिए जाने पर इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है।
संयुुक्त शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने का एलान किया। मुख्यमंत्री पर वादा खिलाफी करने के आरोप लगाए गए। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार उन्हें दस हजार रुपये वेतन देने का फैसला कर चुकी है, लेकिन यह किसी भी रूप में शिक्षामित्रों को मंजूर नहीं है। कहा कि शिक्षामित्र भी बीटीसी पास हैं और लंबा अनुभव रखते हैं। प्रदेश सरकार अपने फैसले को खारिज कर नया अध्यादेश लाकर उन्हें राहत दिलाए।
शिक्षामित्रों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया जो सड़कों पर उतरकर आंदोलन होगा। जिले के करीब 1268 शिक्षामित्रों ने दस हजार रुपये के वेतन को ठुकरा दिया है। शिक्षामित्रों ने प्रदेश सरकार से इच्छामृत्यु के आदेश दिए जाने की मांग की है। साथ ही बृहस्पतिवार से स्कूलों को बहिष्कार करने का एलान किया गया है। धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मुजीबुरर्हमान और संचालन शिमला देवी ने किया। इस दौरान सतीश बालियान, चंद्रपाल सिंह, रोहित कौशिक, इंद्रपाल सिंह, ब्रजपाल सिंह, पंजाब सिंह, राजीव तोमर, राजबीर वर्मा, जयवीर सिंह, मुशर्रफ जहां, मनोज पूरा, अखलाक अली, जाहिद अली, संगीता चौधरी आदि मौजूद रहे।