ज्ञानी बनना कठिन नहीं : ओमानंद
मोरना (मुजफ्फरनगर)। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भगवान की सेवा स्मरण में जो तन्मय होते हैं वह संसार से तर जाते हैं। कितने जीव अभिमान में सेवा पूजा को गौण समझते हैं। भक्ति को छोड़ते हैं ऐसे ज्ञानी पुरुष का पतन हो जाता है। ज्ञानी बनना बड़ा कठिन नही हैं। इस मौके पर कथा व्यास स्वामी जुगल किशोर महाराज वृंदावन को तिलक कर पटका पहनाकर सम्मानित किया।
श्रीमद्भागवत कथा के उद्गम स्थल के रूप में विख्यात धर्म नगरी शुक्रताल के शुकेदव आश्रम में विभिन्न राज्यों से आधा दर्जन भागवत कथाओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आश्रम के डोगरे भवन में हरियाणा, प्रत्यक्षानंद कथा भवन में मध्य प्रदेश, समाधि मंदिर में ओरैया उत्तरप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि से आए श्रद्धालु भागवत कथा को सुनकर धर्म लाभ कमा रहे हैं। वहीं ग्वालियर शहर से आए श्रद्धालुओं ने बैंड बाजे की धुनों पर नृत्य करते हुए कलश यात्रा निकाली। यात्रा नगर के स्वामी कल्याण देव चौराहे से होते हुए अंबेडकर चौराहा, मुख्य गंगा घाट पहुंची। जहां श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। कथा के आयोजन में सुरेश गुप्ता अपने परिवार के साथ मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। वहीं आचार्य उत्प्रेती, श्याम शास्त्री, अचल शास्त्री, सुमन शास्त्री, देवाशीष शास्त्री, हर्षमणी, राजू, अनिल आदि मौजूद रहे।