बकरों और ड्राई फ्रूट पर महंगाई की मार
मुजफ्फरनगर। ईदुल अजहा को लेकर मुस्लिम समाज तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा है। ईदगाह की साफ-सफाई की जा रही है। वहीं, बकरा पैंठ में जबरदस्त भीड़ है। राजस्थानी नस्ल के बकरों की अधिक डिमांड है। साथ ही कुर्बानी के पशुओं पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। साथ ही ड्राई फ्रूट के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
शनिवार को ईदुल अजहा का त्योहार मनाया जाएगा। इसको लेकर मुस्लिम समाज तैयारियों में जुटा है। मेरठ रोड पर लगने वाली बकरों की पैंठ में खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को भी बकरों की जमकर खरीदारी हुई। हालांकि कुर्बानी के पशुओं के मूल्य आसमान छू रहे हैं। राजस्थानी नस्ल के बकरों की अधिक मांग है, लेकिन इनकी कीमत आम आदमी की पहुंच से दूर है। बकरों के नाम भी स्वामियों ने फिल्मी एक्टरों के नाम पर रखे हुए हैं। सलमान, शाहरुख के साथ अनोखे नाम वाले बकरों की भी बिक्री की गई। वजन के हिसाब से बकरों की कीमत लगाई जा रही है। बकरा मार्केट में बकरों की कीमत 8 से 25 हजार रुपये तक है।
सेहतमंद जानवर कुर्बानी के लिए बेहतर : हुसैन
ईदुल अजहा को लेकर कारी जाकिर हुसैन ने बताया कि माली हालत और कर्जदार पर कुर्बानी जायज नहीं है। यदि व्यक्ति के पास इतनी संपत्ति है कि वह कर्ज अदा कर सकता है तो कुर्बानी जायज का हक बनेगा। साथ ही साढ़े 52 तोला चांदी, साढ़े सात तोला सोना जिसके पास, उस पर भी कुर्बानी जायज है। कुर्बानी का जानवर सेहतमंद के साथ आंख, पैरों से दिव्यांग नहीं होना चाहिए। चांद की 10, 11 और 12 तारीख को ही कुर्बानी जायज है। कुर्बानी के लिए पशु की उम्र कम से कम दो साल होनी जरूरी है।
ड्राई फ्रूट पर भी महंगाई का असर
ईदुल अजहा के लिए बाजार में भी रौनक है। ड्राई फ्रूट के साथ मसालों की खरीदारी के लिए खरीदार बाजार में पहुंच रहे हैं। इन पर महंगाई की मार पड़ रही है।
वस्तु----------मूल्य (रुपये में)
पिस्ता---------1250
काजू----------920
बादाम---------850
चिरोंजी--------800
मगज---------350
छुआरा---------120
मखाना---------500
गोला----------180
किसमिस--------300
सिंवाई---------40
(नोट सभी वस्तुओं के दाम प्रति किलो के हैं)