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चंद्रशेखर की रिहाई को आगे आई जमीयत

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चंद्रशेखर की रिहाई को आगे आई जमीयत
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मुजफ्फरनगर। जमीयत-उल-उलेमा संगठन के पदाधिकारी भी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की रिहाई के लिए मैदान में कूद पड़े हैं। पदाधिकारियों ने गांव शब्बीरपुर, दूधली कांड की न्यायिक जांच के साथ शेरपुर कांड की सीबीसीआईडी से जांच कराए जाने की मांग उठाई। इसके अलावा एनजीटी के मानक पूरे करने वालों को मीट लाइसेंस दिए जाने की मांग की है।
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जमीयत-उल-उलेमा के बैनरतले पदाधिकारियों और लोगों ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सहारनपुर के शब्बीरपुर और सड़क दूधली गांव में हुए जातीय संघर्ष तथा भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण, उसके साथियों को रिहा कर हाईकोर्ट के किसी जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की। इसके अलावा गांव शेरपुर में हुए बवाल की भी सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग की। गांव में बेवजह निर्दोष लोगों का उत्पीड़न करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि गांव में पुलिस की लापरवाही से बवाल हुआ है। गोकशी की झूठी शिकायत पर लोगों के घरों में जांच-पड़ताल की गई। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री कह चुके हैं कि मुर्गा, मछली, अंडे की बिक्री पर कोई कोई पाबंदी नहीं है। पुलिस कर्मचारी देहात और कस्बों में मीट कारोबारियों को परेशान कर उगाही कर रहे हैं। इस पर तत्काल रोक लगाई जाए। डीएम को ज्ञापन देकर पदाधिकारियों ने उचित कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस, डॉ जमालुद्दीन कासमी, अजमलुर्रहमान, मौलाना मोहम्मद जाकिर, हाफिज मोहम्मद फुरकान असअदी, ताहिर मिर्जा, मोहम्मद हसन, गुलाम अहमद, राशिद अजीज, शाहनवाज आदि मौजूद रहे।
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