रोडवेज बस डिपो को प्रतिदिन 11 लाख की राजस्व हानि
जानसठ। रोडवेज बस डिपो खतौली को लॉकडाउन में प्रतिदिन 11 लाख रुपयों की राजस्व हानि हो रही है। जानसठ क्षेत्र में मात्र प्रतिदिन तीन रोडवेज बसों का ही संचालन होता था, जिनमें एक बस से करीब 12, 500 हजार रुपयों की रोडवेज डिपो खतौली को प्रतिदिन की आमदनी होती थी। लॉकडाउन में डिपो की सभी बसों का संचालन बंद हैं। इस सभी रोडवेज बसों का 24 मार्च की रात 12 बजे से लॉकडाउन लागू होने पर संचालन बंद हो गया था।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के खतौली रोडवेज बस डिपो से अनुबंधित बसों सहित 88 बसों का संचालन होता है। इस डिपो से मात्र जानसठ क्षेत्र में मात्र बस ही चलती हैं। इन तीनों बसों का शुकतीर्थ से दिल्ली और हरिद्वार से शुकतीर्थ के लिए संचालन होता है। जानसठ में रोडवेज बस डिपो नहीं होने की वजह से परिवहन निगम की ओर बसों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकी। रोडवेज बसों का कम संचालन होने से क्षेत्र के लोगों को प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता है। कोरोना महामारी के फैलने को लेकर देशव्यापी लॉकडाउन में रोडवेज डिपो की सभी बसों का संचालन बंद हैं। एआरएम प्रवेज बशीर ने बताया कि खतौली रोडवेज डिपो का प्रतिदिन बसों का संचालन होने से 11 लाख रुपयों की आमदनी थी। एआरएम के मुताबिक जानसठ क्षेत्र के अलावा अन्य मार्गों पर संचालित एक रोडवेज बस से प्रतिदिन की आमदनी साढ़े बारह हजार रुपये होती थी। इस तरह से 88 बसों से डिपो की एक दिन की राजस्व कमाई 11 लाख रुपये हो रही थी।
प्रतिदिन डिपो में खड़ी सभी बसों की धुलाई कराई जाती है, प्रत्येक बस को सैनिटाइजर किया जाता है। बसों की बैटरी चार्ज की जाती है, तेल की टंकी फुल होती है। बसों का स्थान अदल बदल किया जाता है। इस बसों को प्रतिदिन संचालित करने की स्थिति में खड़ी करते हैं, ताकि आपातकालीन स्थिति में शासन व प्रशासन की ओर से बसों की डिमांड होने पर इन बसों को भेजा जा सकें।-प्रवेज बशीर, एआरएम, रोडवेज बस डिपो, खतौली।