फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमआईटी से होगी 63.52 लाख की वसूली

विज्ञापन
विज्ञापन
एमआईटी से होगी 63.52 लाख की वसूली
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। फर्जी प्रवेश दिखाकर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि हड़पने के मामले में मुजफ्फरनगर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से 63.52 रुपये की वसूली होगी। शासन के आदेश पर समाज कल्याण विभाग ने इंस्टीट्यूट के चेयरमैन को नोटिस जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि यदि पांच दिन के भीतर धनराशि जमा नहीं कराई गई तो भू-राजस्व की भांति वसूली की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन

रुड़की रोड स्थित मुजफ्फरनगर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 2013 से 2015 तक छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। बड़कली निवासी गोविंद नामक छात्र की शिकायत पर 2016 में जांच कराई गई थी। समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक मुरादाबाद मंडल की अध्यक्षता में गठित दो सदस्यीय टीम ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति में 63 लाख 52 हजार 692 रुपये का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। इसके बाद डीएम के स्तर से गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने भी अनियमितताएं पकड़ी। जांच में सामने आया था कि 2013-14 और 2014-15 में पिछड़ा वर्ग की नौ लाख 67 हजार 200 रुपये, अल्पसंख्यक वर्ग की छह लाख पांच हजार 102 रुपये तथा 2014-15 में अनुसूचित जाति वर्ग की 47 लाख 71 हजार 390 रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का गबन किया गया। यह पूरी धनराशि 63 लाख 52 हजार 692 रुपये होती है। इस मामले में संस्था के चेयरमैन, डायरेक्टर तथा पीएनबी खुड्डा शाखा के प्रबंधक के खिलाफ 22 फरवरी 2017 को मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। संस्था के चेयरमैन सुभाष जैन, डायरेक्टर सचिन कुमार तथा बैंक प्रबंधक दर्ज रिपोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय और समाज कल्याण राज्यमंत्री ने समाज कल्याण निदेशक को गबन की गई धनराशि की वसूली करने के आदेश दिए। निदेशक के आदेश पर जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना ने मुजफ्फरनगर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के चेयरमैन एवं डायरेक्टर को वसूली का नोटिस जारी किया है। पांच दिन में धनराशि जमा नहीं कराने पर भूराजस्व की भांति वसूली की जाएगी। साथ ही कहा गया है कि संस्था का शैक्षिक सत्र 2019-20 का मास्टर डाटा अपडेट नहीं किया जाएगा, जिसका उत्तरदायित्व संस्था का होगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी अर्चना ने वसूली नोटिस जारी करने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें