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गलती कुछ लोगों की, सजा सबको मिल रही

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मुजफ्फरनगर।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) के कक्षा दसवीं में गणित और बारहवीं में अर्थशास्त्र का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द हो गई है। बोर्ड इन दोनों परीक्षाओं को दोबारा कराएगा। परीक्षाएं निरस्त होने पर छात्र-छात्राओं में आक्रोश है। विद्यार्थियों ने साफ कहा कि गलती कुछ लोगों ने की है, लेकिन इसकी सजा सभी उन्हें क्यों मिल रही है। पेपर लीक होने से छात्र-छात्राओं की मेहनत पर पानी फिर गया है। हालांकि सीबीएसई ने अभी दोनों परीक्षाएं कब होगी? इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इससे विद्यार्थी अधिक परेशान है, क्योंकि समय अधिक दिया गया तो इस बार रिजल्ट भी देरी से जारी होगा।
केशवपुरी निवासी इंटरमीडिएट की छात्रा तान्या सिंघल ने कहा कि पेपर दोबारा होने की खबर से विद्यार्थियों में तनाव बढ़ गया है। कड़ी मेहनत कर परीक्षा दी थी, लेकिन पेपर लीक होने पर आक्रोश है। उसने पेपर को बेहतर किया था, अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। अब फिर से तैयारियां करनी पड़ेगी। रामपुरम कालोनी निवासी इंटरमीडिएट की छात्रा राधिका गुप्ता ने कहा कि छात्रों की क्या गलती है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। पेपर लीक होने पर सारी मेहनत बेकार हो गई। दिन-रात रिवाइज करने के बाद पेपर दिया था। अब फिर से परीक्षा होने पर छात्रों की परेशानी बढ़ गई है। केशवपुरी निवासी हाईस्कूल की छात्रा श्योना ने कहा कि गणित का पेपर काफी बेहतर किया था, लेकिन केंद्र से बाहर आते ही पता चला कि यह पेपर रद हो गया। यह सुनकर काफी निराशा हुई। छात्रों ने बड़ी मेहनत से एक-एक अंक के सवाल हल किए, अब दोबारा परीक्षा से चिंता बढ़ गई है। सीबीएसई बोर्ड को पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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खालापार निवासी हाईस्कूल की छात्रा कुलसुम रसीद ने कहा कि परिवार, शिक्षकों के सहयोग से गणित के पेपर के लिए काफी तैयारियां कर एग्जाम दिया था। परीक्षा फिर से होने पर गुस्सा है। छात्रों की इसमें क्या गलती है, जो सजा वह भुगतेंगे। अभी तो यह भी नहीं पता चला कि पेपर कब होगा।
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साउथ सिविल लाइन निवासी हाईस्कूल के छात्र आर्यन चौधरी ने कहा कि पेपर रद्द होने से उनके मानसिक स्तर पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। गणित पेपर वैसे भी टफ होता है, इसके लिए कड़ा अभ्यास किया था। अब फिर से परीक्षा का दबाव बढ़ने पर वह नर्वस है। पेपर लीक होने के मामलों की रोकथाम करना बोर्ड की जिम्मेदारी है।
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