मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के समायोजन, तबादलों में होने वाले खेल पर नकेल कसेगी। शिक्षकों का डाटा ऑनलाइन रखने के साथ आवेदन भी ऑनलाइन ही मांगे जाएंगे। उसके बाद डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी पूरी प्रक्रिया को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करेगी, तब ही गुरुजी जिले के भीतर समायोजन, तबादले की अनुमति मिल सकेगी।
शिक्षकों के समायोजन और तबादलों में विभागीय स्तर पर खूब खेल होता है। मनमाफिक शिक्षकों का समायोजन करने के साथ अनेक के तबादले होते हैं। इस कार्य में नियमों की अनदेखी की शिकायतें आला कमान तक की गई। नवसत्र प्रारंभ होने से पहले शिक्षक समायोजन और तबादले कराने के जुगाड़ में लग गए हैं। इसको लेकर शासन ने नकेल कस दी है। तबादला और समायोजन दोनों होंगे, लेकिन नई नीति के अनुसार ही किए जाएंगे। जिले स्तर पर इस प्रक्रिया को निपटाने के लिए कमेटी बनाई गई है। जिसमें अध्यक्ष डीएम, सचिव बीएसए, डायट प्राचार्य द्वारा नामित एक सदस्य, जनपद मुख्यालय पर कार्यरत खंड शिक्षाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी ही समायोजन और तबादले के लिए सभी मानकों, नियमों की जांच पड़ताल करेगी। उधर, जिले के भीतर तबादले के लिए नगरीय सीमा से मुख्यालय आठ किलोमीटर, तहसील क्षेत्र में तहसील मुख्यालय की दूसरी कम से कम दो किलोमीटर होनी जरूरी है। इतना ही नहीं, समायोजन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। इसके लिए 30 जून तक आवेदन मांगे गए हैं। प्रत्येक शिक्षक को तबादले, समायोजन के लिए ऐसे पांच विद्यालय भरने होंगे, जिनमें शिक्षकों की कमी है। आवेदन की कमेटी जांच पड़ताल करने के बाद अनुमोदन के लिए मंडल स्तर पर सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक को सूची भेजी जाएगी। यहां से अनुमोदन मिलने के बाद तबादला हो सकेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने 13 जून को आदेश जारी किए हैं। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि समायोजन, तबादले के लिए नए आदेश आए हैं। इन्हें देखते हुए की जिला स्तर पर नव सत्र में शिक्षकों का समायोजन, तबादले किए जाएंगे।