सड़क पर प्रदूषित धूआं छोड़ते वाहन।
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एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर एनजीटी सख्त हो गया है। छह दिन से स्मॉग और कोहरा छाने से स्थिति अधिक बेकाबू हो गई है। इसको लेकर एनजीटी ने अब पूरी तरह से 10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है। आदेश आते ही एआरटीओ विभाग भी कार्रवाई में जुट गया है। शुक्रवार को हाईवे और क्षेत्र में अभियान चलाकर 200 से ज्यादा वाहनों का चालान किया गया। साथ ही 1013 वाहनों की पंजीकरण निरस्त किया है।
प्रदूषण के कारण दिल्ली एनसीआर समेत यूपी के भी कई जिले बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं। प्रदूषण के प्रकोप को लेकर एनजीटी ने 10 साल पुराने डीजल, 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर पाबंदी लगा दी है। दिल्ली में दूसरे राज्यों के वाहनों पर रोक लगाकर उन पर कार्रवाई के लिए कहा गया है। इसको लेकर एनजीटी ने एआरटीओ विभाग को भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिले में एआरटीओ की सूची में बस, ट्रक, कार, जीप समेत मारुति, वैन, ट्रैक्टर आदि मिलाकर करीब 40 हजार वाहन शामिल हैं, जो एनजीटी की पाबंदी के दायरे में आए हैं। शुक्रवार को एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है।
हाईवे और क्षेत्र में अभियान चलाया गया है। जिसके चलते पेट्रोल के 55 वाहनों का पंजीकरण निरस्त कर उन्हें निष्क्रिय करने के आदेश दिए गए हैं, जबकि 92 वाहनों का दूसरे जिलों के लिए एनओसी दी गई है। साथ ही 11 वाहनों का चालान और छह सीज किए गए।
डीजल से संचालित वाहनों में 958 वाहनों का पंजीकरण निरस्त किया गया। 1147 को एक दिन में एनओसी दी गई। 198 का चालान कर 95 सीज किए गए हैं। उधर, एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि एनजीटी की निर्देश पर पुराने वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई जारी रहेगी।