सपा सुप्रीमो मुलायम ने वर्तमान हालात पर चिंता करते हुए कहा देश सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने नौजवानों से आगे बढ़कर देश को संभालने का आह्वान किया।
स्पष्ट किया कि सपा डॉ. लोहिया, जयप्रकाश नारायण और चौधरी चरण सिंह की विरासत को आगे बढ़ाते हुए देश की एकता कायम रखने के लिए बलिदान देने को तैयार है।
मुलायम होटल मुगल में हुई शुरू हुई दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे।
मुजफ्फर नगर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आसपास के जिलों में सांप्रदायिकता की आग भड़काई जा रही है। हम सतर्क नहीं रहे तो ये घटनाएं बार-बार होंगी।
सपा प्रमुख ने महंगाई, भ्रष्टाचार और गरीब, किसानों की मौत के लिए उन्होंने यूपीए और एनडीए दोनों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दोनों ही सरकारें गरीबों, किसानों, नौजवानों, बेरोजगारों और महिलाओं को सुरक्षा देने नाकाम रही हैं।
कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में हालात बहुत हद तक बिगड़ चुके हैं। देश की सियासत, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, धर्मनिरपेक्षता पर संकट है। हमें देश बचाने के लिए मजबूत राजनीतिक विकल्प देना होगा।
यूपीए सरकार ने सत्ता में आने पर भरोसा दिलाया था कि 100 दिन में महंगाई कम होगी लेकिन आज हालात यह है कि गरीब, किसान, मजदूर को छोड़िए मध्यम वर्ग भी संकट में है। आवश्यक वस्तुओं के दाम 100 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
पांच वर्षों में करीब पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले हो चुके हैं। अर्थव्यवस्था विदेशी पूंजी पर केंद्रित हो गई है। रुपया अमेरिका के रहमोकरम पर है।