समाजवादी पार्टी सुप्रीमो हाल में अपने एक बयान को लेकर घिरे, जिसमें उन्होंने कहा कि रेप के दोषियों को फांसी नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि ऐसी गलतियां हो जाया करती हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने यूटर्न लिया और इस बयान से पल्ला झाड़ लिया।
लेकिन बीते कुछ दिनों से चुनावी रैलियों में वो एक नया सियासी जुमला फेंकने लगे हैं। उनका कहना है कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे, क्योंकि भाजपा का ही एक 'चालाक' नेता ऐसा होने नहीं देगा और वो खुद पीएम बनना चाहता है।
इस बयान से भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह पर हमला बोला गया, जो हाल में लखनऊ में शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद से मिले थे। लेकिन अचानक मुलायम यह क्यों साबित करना चाहते हैं कि मोदी को भाजपा नेता ही पीएम नहीं बनने देंगे। क्या यह उत्तर प्रदेश में मोदी के नाम पर हो रहे ध्रुवीकरण से जुड़े डर का असर है।
मोदी के नाम पर ध्रुवीकरण का डर
दरअसल, नरेंद्र मोदी के बनारस सीट से मैदान में कूदने के बाद भाजपा उम्मीद कर रही है कि पूर्वांचल की बाकी सीटों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। यही वजह है कि मोदी को काबू करने के लिए मुलायम सिंह यादव खुद मैनपुरी के अलावा आजमगढ़ सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं।
इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई भारी वोटिंग ने भी उनके सिर में कुछ दर्द किया, क्योंकि मुजफ्फरनगर के दंगों में यूपी सरकार और सपा के रुख की काफी आलोचना हो चुकी थी।
ऐसे में राजनीतिक जानकार यह अनुमान लगा रहे थे कि जाट वोट इस बार जहां भाजपा के पाले में जा सकते हैं, वहीं मुस्लिम वोट छिटककर बसपा की तरफ जा सकते हैं। बसपा ने मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देकर सपा को पहले से परेशानी में डाल रखा है।
मुलायम ने राजनाथ को लपेटा
शायद यही वजह है कि मुलायम सिंह यादव बार-बार यह कोशिश कर रहे हैं कि यूपी में चुनाव मोदी पर केंद्रित न हो जाएं, क्योंकि अगर ऐसा हुआ, तो वोटों के ध्रुवीकरण का खतरा बढ़ जाएगा।
सपा सुप्रीमो ने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कल्बे जव्वाद की मुलाकात के बाद एक चुनावी रैली में कहा था, "नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बनेंगे। भाजपा का ही एक चालाक नेता ऐसा होने नहीं देगा। आप इशारा समझ रहे हैं न। उसने अपने लिए कोशिश शुरू कर दी है। लेकिन हमें धोखे में नहीं आना।"
मुलायम ने इस बयान से जहां राजनाथ को लपेटा वहीं अब वो कह रहे हैं कि मोदी का पीएम बनने का सपना पूरा नहीं होगा, क्योंकि भाजपा 272 सीटों तक नहीं पहुंच जाएगी। जाहिर है, उनके निशाने पर अब भाजपा नहीं, बल्कि सिर्फ मोदी हैं।
अटल-आडवाणी के कंधे पर बंदूक
मुलायम अपनी बात वोटरों तक पहुंचाने के लिए भाजपा में जारी आंतरिक कलह का हवाला भी दे रहे हैं। हाल में उन्होंने कहा कि आरएसएस के इशारे पर मोदी को पीएम बनाने का ख्वाब देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा, "भाजपा के पास सिर्फ मोदी बचे हैं, जबकि हकीकत यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बाद ऐसा कोई नेता नहीं है, जो भाजपा में सभी को स्वीकार हो। आरएसएस के इशारे पर लालकृष्ण आडवाणी तक का अपमान किया गया।"
वहीं दूसरी ओर, भाजपा की कोशिश है कि यह चुनाव मोदी केंद्रित बनाया जाए, ताकि उनके नाम पर वो देश, खास तौर से उत्तर प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा सीटें अपने नाम कर सके।
राजनाथ की सफाई, मोदी ही होंगे पीएम
मुलायम सिंह यादव के नए हमलों का जवाब देते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद अगर एनडीए सरकार बनाने में कामयाब रहती है, तो भाजपा भले कितनी भी सीटें क्यों न जीते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही होंगे।
राजनाथ सिंह ने साफ किया कि भाजपा ने मोदी को अपना पीएम पद का दावेदार बनाया है और इस बारे में कोई शक-शुबह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर कोई प्रधानमंत्री बनेगा, तो वो नरेंद्र मोदी होंगे। मैं इसे बार-बार साफ कर चुका हूं।"
यह पूछने पर कि अगर लोकसभा चुनावों में भाजपा को 200 से कम सीटें मिलती हैं, तो क्या कोई प्लान बी भी है, जैसा कि विरोधी राजनीतिक दल इल्जाम लगा रहे हैं। इस पर भी राजनाथ ने सफाई दी।
'राजनीतिक विरोधियों की साजिश'
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारे राजनीतिक विरोधी जानबूझकर इस तरह की कोशिश कर रहे हैं, ताकि यह भ्रम फैलाया जा सके।"
जब उनसे यह पूछा गया कि चुनाव बाद अगर भाजपा को ममता बनर्जी और जयललिता जैसे नेताओं को राजनाथ सिंह ज्यादा स्वीकार होंगे, तो इस पर भाजपा अध्यक्ष ने फिर दोहराया कि केवल मोदी ही प्रधानमंत्री होंगे।
उन्होंने कांग्रेस पर लोकसभा चुनावों के ध्रुवीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "वो पहली बार ऐसा नहीं कर रहे। वो सांप्रदायिक आधार पर ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। यह अंग्रेजों की नीति थी कि बांटों और राज करो। कांग्रेस ने इसे अपना लिया है।"