मुरादाबाद। दो मोबाइल नंबरों पर देशभर में 122 फर्जी फर्म बनाकर 400 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी के मामले की जांच में मास्टर माइंड अंकित कुमार के फर्जीवाड़े की बरतें खुलने लगी हैं। जांच में सामने आया है कि अंकित ने मुजफ्फरनगर के साैरभ मिश्रा को तीन करोड़ से अधिक का माल तो भेजा लेकिन रिटर्न फाइल शून्य किया। जबकि ई-वे बिल पोर्टल पर दर्शाया गया है।राज्य कर विभाग को चकमा देने के लिए आरोपी अंकित कुमार ने रिटर्न फाइल एक स्थान से नहीं किया। उसने कैश में भुगतान नहीं किया। उसे पता नहीं था कि रिटर्न फाइल करते समय आईपी अड्रेस पोर्टल पर दिखाई देता है। लखनऊ में दो बार रिटर्न फाइल किया लेकिन प्रदेश के अन्य स्थानों से अधिक रिटर्न फाइल किया गया है। दिल्ली में भी उसने दो बार रिटर्न फाइल किया है। अभी तक जांच में आया है कि आरोपी ने दो साल में 1960 करोड़ का टर्नओवर किया है। उसने 400 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी की है। आरोपी ने दिल्ली और लखनऊ से टर्नओवर दाखिल किया है। जीएसटी चोरी का दायरा धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जांच में अधिकारियों की टीम कम पड़ रही है।
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जीएसटी आर (3बी) में भी पेंच
राज्य कर अधिकारियों ने बताया कि जीएसटी आर-1 के माध्यम से रजिस्टर्ड व्यापारियों से बिक्री प्रदर्शित की जाती है लेकिन उसने रजिस्टर्ड कम बोगस फर्मों का अधिक चयन किया है। इसी प्रकार जीएसटी आर (3बी) में भी आईटीसी ट्रांसफर दर्शाया है लेकिन कई कारोबारियों को आईटीसी इधर उधर किया है। इसी कारण अभी काफी लोग जीएसटी चोरी के दायरे में आएंगे।
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एसआईटी ने राज्य कर अधिकारियों से लिए साक्ष्य
मुरादाबाद। जीएसटी चोरी के मामले में एसआईटी ने गठित एसआईटी ने शुक्रवार को राज्य कर अधिकारियों ने आरोपियों के बारे में साक्ष्य लिए। इसी आधार पर पुलिस की टीम आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य एकत्रित कर उनको गिरफ्तार करेगी।
सीओ वरुण कुमार के नेतृत्व में एसआईटी शुक्रवार की दोपहर राज्य कर विभाग पहुंची। टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों ने राज्य कर अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह, ग्रेड-2आरए सेठ से बातचीत कर आरोपी अंकित कुमार, सौरभ कुमार सहित नौ आरोपियों के बारे में साक्ष्य एकत्रित किया। इस दौरान आरोपियों के ओटीपी जनरेट होने के बारे में जानकारी ली। राज्य कर अधिकारियों ने आरोपियों के बारे में कुछ गोपनीय क्लू दिए। पुलिस ने आरोपियों के बारे में सूचना का आदान प्रदान किया। इस दौरान राज्य कर के अधिकारियों ने डिजिटल साक्ष्य दिए।
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सीजीएसटी 30 से अधिक फर्मों का पंजीयन हो चुके हैं निरस्त
अपर आयुक्त ग्रेड-1 ने सीजीएसटी के प्रधान आयुक्त को आरोपी अंकित कुमार की फर्मों के पंजीयन को निरस्त करने के लिए चार दिन पहले पत्र भेजा था। लखनऊ सहित कई स्थानों के अधिकारियों ने 30 से अधिक पंजीयन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। जांच में अंकित कुमार की कुल 144 बोगस फर्में प्रकाश में आई हैं। धीरे धीरे फर्मों के निरस्त होने का क्रम जारी है।
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जीएसटी चोरी का टर्नओवर ढाई हजार करोड़ के पार होने की संभावना
मुरादाबाद। राज्य कर अधिकारियों की जांच के दौरान अंकित कुमार की फर्मों के माध्यम से 1960 करोड़ टर्नओवर का मामला आया है। इस दौरान उसने 400 करोड़ की टैक्स चोरी की है लेकिन अभी काफी संख्या में आरोपी की फर्मों से अन्य फर्मों की जांच बाकी है। राज्य कर अधिकारियों का मानना है कि टैक्स चोरी का दायरा सिर्फ यूपी नहीं देश के 22 राज्यों में फैला हुआ है। अभी अभी आरोपी की दक्षिण भारत की फर्मों का पूरा इतिहास सामने नहीं आया है। आरोपी अंकित कुमार और सौरभ से जुड़ी फर्मों का इतिहास सामने आने पर टर्नओवर के साथ टैक्स चोरी का दायरा बढ़ेगा। राज्य कर अधिकारी भी मानते हैं कि अभी तक प्रदेश की यह सबसे बड़ी टैक्स चोरी का मामला पकड़ में आया है। इस मामले में टर्नओवर ढाई हजार करोड़ के बार जा सकता हैं।