हाईस्कूल में 86.82 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले युगांश कुमार इंजीनियर बनेंगे। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के रुपये से आईआईटी में दाखिला के लिए कोचिंग करेंगे। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनना सपना है। रोजाना छह से सात घंटे की पढ़ाई करते हैं।
अब तक क्लास में फर्स्ट स्थान हासिल करते रहे हैं। धनौरा के सुभाष नगर के नरेश कुमार और रेखा रानी के सबसे छोटे पुत्र युगांश कुमार शुरु से मेधावी रहे हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृति के तहत उन्हें 30 हजार रुपये मिलें हैं। रुपये बैंक में जमा किए हैं।
इंटर की पढ़ाई राष्ट्रीय इंटर कॉलेज से करेंगे। पिता सेल्समैन हैं। युगांश कुमार ने बताया कि स्कॉलरशिप से हौसला बढ़ा है। उस रुपये को संभाल कर रखा हूं। इस साल भी कोशिश करूंगा कि स्कॉलरशिप की परीक्षा में शामिल रहूं। स्कूल में प्रथम रैंक हासिल करने पर घर के लोगों ने बधाई दी है। बकौल युगांश, 10 वीं में स्कूल टॉप करने के लिए स्कॉलरशिप का योगदान है।