गांव पीपलसाना में रेलवे लाइन पर खेल रहे तीन बच्चों को बचाने की कोशिश में ट्रेन से कटकर गांव निवासी रियाज आलम (27) की मौत हो गई। हादसा रविवार शाम करीब 6:30 बजे हुआ। रियाज शाम के समय रेलवे लाइन के पास घूमने गया था। रियाज चार भाइयों में सबसे बड़ा था और कपड़ों की फेरी लगाता था।
भोजपुर थाना क्षेत्र के गांव पीपलसाना के मोहल्ला पीरुचा निवासी रियाज आलम पुत्र जाहिद हुसैन कपड़ों की फेरी लगाता था। रविवार शाम रियाज घर के बाहर घूम रहा था। कुछ ही देर में वह घूमते हुए रेलवे लाइन के पास जा पहुंचा। शाम करीब 6:30 बजे रियाज ने देखा कि करीब 9 से 10 वर्षीय तीन बच्चे रेलवे की पटरी पर खेल रहे हैं। इस बीच ट्रेन आती है देख रियाज ने तीनों बच्चों को पटरी से हट जाने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं हटे तो रियाज बच्चों को हटाने के लिए रेलवे लाइन की ओर दौड़ा। रियाज ने किसी तरह एक बच्चे को पटरी से हटाया। इस दौरान दो बच्चे खुद ही पटरी से हट गए, लेकिन रियाज खुद पटरी से नहीं हट पाया और काशीपुर-मुरादाबाद पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। ट्रेन से कटकर रियाज की मौत हो गई। कुछ ही देर में पटरी के पास लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंचे। रियाज का शव देखकर परिजन बेहाल हो गए। हालांकि परिजन बिना किसी कार्रवाई की ही शव को ले गए।
चार भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था रियाज
गांव पीपलसाना निवासी जाहिद हुसैन ने बताया कि उनके चार बेटे और एक बेटी है। रियाज चार भाइयों व एक बहन में सबसे बड़ा था। वह खुश मिजाज था और सभी से मिलजुलकर रहता था। रियाज की मौत से पिता जाहिद, भाई नियाज, अर्श और अनस व बहन गुलिस्ता का रो रोकर बुरा हाल है।
मां हुई बेसुध, गांव में भी छाया शोक
बेटे रियाज की मौत की खबर सुन मां बदहवास हो गई। मां चीखने लगी और रोने लगी। मां रोते-रोते बोल रही थी कि मेरे दिल का टुकड़ा चला गया। अब मैं भी जहर खाकर मर जाऊंगी। रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने रियाज की मां को संभाल। उधर, रियाज की मौत से गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। रियाज के घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने रियाज के परिजनों को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने बताया कि मां और पिता में आपसी मतभेद होने के कारण मां और बच्चे पिता से अलग रहते थे। घर की सारी जिम्मेदारी रियाज पर ही थी।