सपा सरकार ने प्रदेश की जेलों में बंद विचाराधीन बंदियों को तोहफा दिया है। बंदियों को अब सप्ताह में तीन बार अपने परिजनों व रिश्तेदारों से मिलने से छूट होगी। अभी तक विचाराधीन बंदियों की सप्ताह में सिर्फ दो मुलाकात ही हो सकती थीं। लेकिन सरकार ने नए शासनादेश के जरिए इस नियम को बदल दिया है। हालांकि सजायाफ्ता कैदियों को नए शासनादेश में कोई राहत नहीं दी गई है।
सचिव कारागार एसके रघुवंशी की ओर से 15 जुलाई को जारी शासनादेश में कहा गया है कि प्रदेश की जेलों में बंद विचाराधीन बंदियों को अब जेल में प्रति सप्ताह तीन बार परिजनों से मिलने की छूट होगी। नातेदार और परिचित सप्ताह में तीन बार जेल जाकर विचाराधीन बंदियों की मिलाई कर सकेंगे।
अभी तक विचाराधीन बंदियों की सप्ताह में केवल दो ही मिलाई हो सकती थीं। हालांकि सजायाफ्ता कैदियों को मिलाई की शर्तों में ढील नहीं दी गई है। सजायाफ्ता बंदियों की 15 दिन में केवल एक ही मिलाई हो सकती है। नया शासनादेश 15 जुलाई से ही लागू हो गया है। बंदियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।