कहा कि किस विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर की कितनी प्रगति हुई वह सब जानते हैं। जीते हुए जनप्रतिनिधियों और हारे हुए प्रत्याशियों को स्थिति में सुधार लाने के लिए चेताया। इसके बाद पार्टी के जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों से कहा कि बूथ अध्यक्षों को सक्रिय करें।
अभी कई क्षेत्रों में कमियां हैं। इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीएलए-1 और बीएलओ-2 के बीच समन्वय बनाकर कार्य करें। सूची से सही वोटर जुड़ने चाहिए। वहीं फर्जी वोटरों को सूची से बाहर कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को एसआईआर की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस अभियान को गंभीरता के साथ लेना होगा। अगले साल चुनाव की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। पंचायत चुनाव के बाद विधानसभा का चुनाव होगा।
इस कारण एसआईआर की तैयारी के लिए कमर कसकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची 2003 के अनुसार मृत और फर्जी वोटरों के नाम कटवाएं। इसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं के साथ टोली बनाकर घर-घर जनसंपर्क करना होगा। बांग्लादेशी और रोहिंग्या वोटर नहीं बनेंगे।
जनप्रतिनिधियों और पार्टी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सुर में सुर मिलाया। इस दाैरान कृषि राज्यमंत्री बलेदव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष डाॅ. शैफाली सिंह, मेयर विनोद अग्रवाल, नगर विधायक रितेश गुप्ता, कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह, आकाश सक्सेना, राजीव तरारा, महेंद्र खडगवंशी, एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, गोपाल अंजान, जिलाध्यक्ष आकाश पाल, महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला आदि मौजूद रहे।