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यस बैंक : शाखा में खत्म हो गई नकदी, अफरातफरी, नोकझोंक

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मुरादाबाद। केंद्रीय रिजर्व बैंक द्वारा यस बैंक पर प्रतिबंध लगाने से ग्राहकों में अफरा-तफरी मची हुई है। शनिवार को दूसरे दिन सुबह से ही शाखा में ही नकदी खत्म हो गई। इससे धनराशि की आस में आए ग्राहकों को मायूस होना पड़ा। बैंक अधिकारी धनराशि आने का आश्वासन देते रहे। ग्राहकों से उनकी नोकझोंक हुई। इसके अलावा मुरादाबाद की दो शाखाओं में ऋण से ज्यादा बचत राशि जमा है। दोनों शाखाओं में सात हजार 119 बचत खाते हैं। अग्रणी जिला प्रबंधक के अनुसार बैंक के खराब प्रदर्शन की वजह से दिसंबर माह में चेतावनी भी जारी हुई थी।
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दिल्ली रोड और पीलीकोठी की शाखा में बैंक खुलते ही ग्राहकों की लाइन लगना शुरू हो गई थी। पीलीकोठी शाखा में ग्राहकों को बजट नहीं मिला। बैंक अधिकारियों का कहना था कि शुक्रवार दोपहर ही बैंक में बजट खत्म हो गया। क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ से इसकी व्यवस्था की जा रही है। उम्मीद है कि शीघ्र ही बजट मिल जाएगा।
अन्य बैंकों को चैक क्लीयर नहीं करने के निर्देश
अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि आरबीआई की ओर से अन्य बैंकों को निर्देश मिले हैं कि यस बैंक के चैक क्लीयर नहीं किए जाएं। इसके अलावा ग्राहक एटीएम, निफ्ट, आरटीजीएस और आनलाइन ट्रांजेक्शन से सिर्फ 50 हजार रुपये का लेनदेन ही कर सकता है।
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छह महीने में ऋण बढ़ा और जमा राशि घटी
अग्रणी बैंक के आंकड़ों के हिसाब से यस बैंक का सितंबर माह में क्रेडिट 66 करोड़ 40 लाख रुपये था, जो दिसंबर 2019 में बढ़कर 71 करोड़ 58 लाख हो गया। इसके अलावा जमा राशि सितंबर 2019 में 246 करोड़ 61 लाख थी जो दिसंबर माह में घटकर 231 करोड़ रह गई। सितंबर माह में बैंक का सीडी (क्रेडिट-डिपोजिट) रेसियो 26.93 फीसदी था, जो दिसंबर 2019 में घटकर 31.16 फीसदी रह गया। दोनों ही बार बैंक का सीडी रेसियो शहर में निजी क्षेत्र की संचालित 13 बैंकों में सबसे कम रहा है।
बैंक से 50 हजार रुपये निकालने आए थे, लेकिन तीन अप्रैल तक बैंक में धनराशि नहीं होने की बात कही है। ट्रांसपोर्ट का कारोबार है। ड्राइवरों का होली का त्योहार है। उन्हें वेतन भी देना है, लेकिन अब दे नहीं पा रहे हैं। बैंक में धनराशि नहीं होने की वजह से डर लग रहा है।
मुस्तकीम, हरथला।
शुक्रवार को धनराशि निकालने आए थे, तब कैश कम होने की बात कही थी। अब वह भी खत्म हो गया है। अब पता नहीं रुपये मिल पाएंगे या नहीं। हमारा पीतल का कारोबार है। कारीगरों को रुपये देने हैं। काफी रुपयों की जरूरत हैं, लेकिन अब तो 50 हजार ही मिल जाएं तो काफी है।
मुहम्मद रिजवान, पीरगैब।
मैं नौकरी करता हूं। मुझे किसी को रुपये देने हैं। इसलिए रुपये जमा करने आया था, लेकिन बैंक अधिकारियों ने रसीद नहीं निकलने की बात कहकर रुपये जमा करवाने से मना कर दिया है। मेरी आईडी भी ब्लॉक है। उन्होंने किसी अन्य बैंक से रुपये जमा करने की बात कही है।
शिवराम सिंह, रेलवे हरथला कालोनी।
मुझे रुपये निकालने हैं। किसी को रुपये देने हैं। मेरे पास 50 हजार रुपये का चैक है। बैंक में रुपये नहीं होने की वजह से उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया है। कह रहे हैं कि रुपये आ भी सकते हैं और नहीं भी। ऐसे में हमारे सामने रुपयों का संकट हो गया है।
मोहम्मद फैजीयाब, सिविल लाइंस।
बैंक में 231 करोड़ रुपये की जमा राशि है और बचत खाते 7119 हैं। खाते में पांच लाख तक की धनराशि सुरक्षित है। इसलिए ग्राहकों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
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सतीश कुमार गुप्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक।
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