यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट माध्यमिक शिक्षा सचिव और जीआईसी के प्रधानाचार्य के कार्यालय में सत्यापन के लिए भेजी गई थीं। दोनों जगह से भेजी गई रिपोर्ट से पता चला कि अरविंद मोहन शर्मा ने 1982 में हाईस्कूल की परीक्षा 500 में से 208 अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। जबकि 1985 में इंटमीडिएट परीक्षा 500 में से 214 अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। जबकि अरविंद मोहन ने नौकरी के लिए आवेदन करते वक्त हाईस्कूल की मार्कशीट में 500 में से 368 अंक दर्शाए थे। इंटर मीडिएट में 500 में से 364 अंक दर्शाए थे।
जांच रिपोर्ट के बाद प्रवर डाक अधीक्षक वीर सिंह ने मझोला के बुद्धि विहार निवासी आरोपी अरविंद मोहन शर्मा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। सीओ सिविल लाइंस अनूप सिंह ने बताया कि आरोपी अरविंद मोहन शर्मा खिलाफ आईपीसी की धारा 420,467,468,471 में केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।