पाकबड़ा थाने की प्रधान आरक्षी कविता चौधरी ने नशीली दवाइयों का सेवन नहीं किया था। विसरा सैंपल में रसायनिक तत्व नहीं पाए गए हैं। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ाएगी जिसमें गला दबाकर हत्या की बात सामने आई थी।
कविता के पति पुलिस उप निरीक्षक प्रमोद कुमार ने घटना के बाद पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी नशीली दवा का सेवन करती थी। उसने दवाओं के सेवन से ही मौत का दावा किया था।
बिजनौर के चांदपुर थानाक्षेत्र के बसेड़ी निवासी कविता चौधरी की शादी मेरठ के हस्तिनापुर थानाक्षेत्र के किशोरपुर निवासी दरोगा प्रमोद कुमार के साथ हुई थी। प्रमोद रामपुर में तैनात है। कविता बुद्घि विहार सेक्टर 12 में रहती थी। एक अप्रैल को कविता अपने घर में मृत अवस्था में पड़ी मिली थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई थी कि कविता को गला दबाकर मारा गया था। इस मामले में कविता के पति प्रमोद कुमार, देवर मनोज कुमार और ननदोई पीएसी दरोगा पंकज कुमार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें कविता के भाई कर्मवीर सिंह ने बताया था कि उसे शक है कि आरोपियों ने खुद या फिर किसी को सुपारी देकर उसकी बहन की हत्या कराई है।
आरोपी दरोगा ने पुलिस को बताया था कि उसकी पत्नी कविता नशीली दवाइयों का सेवन करती थी। उसकी हत्या नहीं की गई है। वह दवाइयों के अधिक सेवन की वजह से ही मरी है। पुलिस ने विसरा रिपोर्ट आने का इंतजार किया।
अब विसरा रिपोर्ट आ गई है। सीओ राजेश कुमार ने बताया कि विसरा रिपोर्ट से पता चला कि विसरा सैंपल में कोई रसायनिक तत्व नहीं था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर आगे ही कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी करेंगे।
घटना से पहले हादसे में घायल हो गई थी कविता
कविता पाकड़ा थाने में तैनात थी। छह मार्च को वह सड़क हादसे में घायल हो गई थी। कविता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज कराने के बाद कविता घर पर ही आराम कर रही थी। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई थी।
अकेली रहती थी कविता
कविता चौधरी की एक बेटी और बेटा है। दोनों मेरठ में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पति प्रमोद कुमार रामपुर में तैनात है। कविता बुद्घि विहार सेक्टर बारह में अपने दो मंजिला मकान में अकेली रहती थी। एक अप्रैल को कविता की बहन ने पाकबड़ा थाना प्रभारी नीरज शर्मा को कॉल कर बताया था कि कविता का फोन नहीं उठ रहा है।
पुलिस कविता के घर पहुंची तो गेट अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस सीढ़ी लगाकर बालकनी पर पहुंची। बालकनी के बगल वाले दरवाजा खुला मिला था।