मुरादाबाद। सरकार की मदद लेकर महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। अपनी तकदीर संवारने के लिए वह बैंकों से लोन लेकर स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं। मुरादाबाद जिले की महिलाएं डिस्पोजल, घरेलू उत्पाद बनाकर न केवल परिवार की जीविका चला रही हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
मुरादाबाद जिले में ऐसी 1.70 लाख महिलाएं हैं, जिन्होंने आत्मनिर्भरता की तरफ कदम बढ़ाए हैं। स्वरोजगार से प्राप्त होने वाली आय से इनके जीवन में बड़े बदलाव आए हैं। इससे कई और महिलाएं भी बैंकों में रोजगार संबंधी लोन की जानकारी लेने पहुंच रही हैं। इसमें बिलारी, कांठ, ठाकुरद्वारा समेत कई जगहों की महिलाएं शामिल हैं।
- रतूपुरा की रहने वाली अंजु कुमारी ने बताया कि उनके पति किसान हैं। उन्होंने परिवार चलाने के लिए आमदनी का नया रास्ता निकाला। उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बैंक से 1.10 लाख का लोन लिया। लोन के जरिये उन्होंने घर पर डिस्पोजल सामान बनाने की मशीन लगाई। घरेलू काम करने के बाद रोज दो घंटे डिस्पोजल बनाने का काम करती हैं। महीने में 10 से 12 हजार रुपये की बचत हो जाती है। इससे बैंक की किस्त जमा करने के साथ ही घर खर्च चल जाता है। उन्होंने अपने साथ 10 महिलाओं को जोड़ रखा है। सभी महिलाएं हर दिन तीन-तीन के समूह में मिलकर दो-दो घंटे काम करती हैं।
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- ठाकुरद्वारा में आर्गेनिक प्रोडक्ट बनाने का काम कर रहीं गुंजन चौहान ने बताया कि उनकी मां पहले से ही स्वयं सहायता समूह से जुड़कर छोटे-छोटे काम करती हैं। मां के काम को देखकर उन्होंने खुद काम करने का प्लान बनाया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह बनाया और बैंक से 1.10 लाख रुपये का लोन लिया। वह आर्गेनिक प्रोडक्ट बनाती हैं। इसमें साबुन, क्रीम और पीतांबरी शामिल है। वह महीने में नौ से 10 हजार रुपये की बचत कर लेती हैं। उन्होंने 10 महिलाओं को रोजगार भी दिया है।
- रतूपुरा की रहने वाली गार्गी चौहान ने बताया कि उन्होंने मशरूम उत्पादन के लिए स्वयं सहायता समूह से छह महिलाओं को नौकरी दी है। मशरूम उत्पादन के लिए उन्होंने बैंक से 9.50 लाख रुपये का लोन लिया है। अभी तक वह सीजन के हिसाब से वह मशरूम बेचती आई हैं, लेकिन अब वह एसी प्लांट लगा रही हैं। जहां पर हमेशा मशरूम का उत्पादन किया जाएगा। वह मशरूम बेचकर हर महीने 40-50 हजार रुपये की बचत कर लेती हैं।
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- बैंकों में लोन लेने के लिए महिलाएं लगातार आ रही है। अधिकतर महिलाओं को 50 हजार से 1.10 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। जब महिलाएं किस्त जमा कर दूसरी बार लोन के लिए आवेदन करती हैं तो लोन की धनराशि बढ़ा दी जाती है। - पंकज शरण, एलडीएम