कमिश्नर की अध्यक्षता में गुरुवार को पुलिस लाइन में पुलिस प्रशासन और गणमान्य नागरिकों की बुलाई मीटिंग में एसएसपी की जुबान फिसल गई। उन्होेंने शराब की दुकानों का विरोध कर रही महिलाओं की तुलना फूलन देवी से कर दी।
कहा कि ये महिला फूलनदेवी क्यों बन रही है। जिसपर मीटिंग में मौजूद लोग भड़क गए। लोगों ने इसका विरोध कर दिया। बाद में समझाकर मामला शांत कराया गया। कमिश्नर एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि शराब को रोकने के लिए उसके नुकसान, कमियों, खराबियाें को लेकर चर्चा और गोष्ठियों के माध्यम से जागरूकता लानी होगी।
मात्र आगजनी और तोड़फोड़ से इस समस्या का हल नहीं निकलने वाला है। डीएम जुहैर बिन सगीर ने कहा कि बच्चों और महिलाओं को आगे करके आगजनी या तोड़फोड़ ठीक नहीं है। सिविल डिफेंस में महिला विंग की भी तैयारी हो रही है।
एसएसपी मनोज तिवारी नेे अपने संबोधन में महिलाओं की तुलना फूलन देवी से कर दी। कहा कि ये महिलाएं फूलनदेवी क्यों बन रही हैं। जिसपर मीटिंग में बैठे लोग भड़क गए। लोगों का कहना था कि ये महिलाओं का अपमान है। शोरशराबा होने पर किसी तरह मामला शांत कराया।
शराब की दुकान हटवाने को निकाला जुलूस
दुर्गा मंदिर के पास से शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को गुरहट्ठी से लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला। इसके बाद डीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर दुकान हटवाने की मांग की। दुर्गा मंदिर के पास शराब की दुकान हटवाने की मांग कर रहे लोगों के साथ अखिल भारत हिन्दू महा सभा भी आ गई है।
गुरुवार को महासभा के पदाधिकारी दुर्गा मंदिर पहुंचे और अपना समर्थन दिया। इसके बाद लोगों ने दुर्गा मंदिर से लेकर कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और दुकान बंद करने की मांग की। जिला अधिकारी के माध्यम से सूबे के मुख्य मंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में बताया गया है कि दुर्गा मंदिर से मात्र दस मीटर की दूरी पर शराब की दुकान है। शराबियों की वजह से मंदिर आने वाली महिलाओं को परेशानी होती है। मंदिर के पुजारी के साथ भी आये दिन शराब अभद्रता करते हैं।