मुरादाबाद। बदायूं से रक्षाबंधन मनाने मुरादाबाद आई महिला स्वाइन फ्लू पॉजिटिव मिली है। महिला पारकर रोड स्थित अपने मायके में रहती थी। इसी दौरान उसने स्वाइन फ्लू की जांच कराई थी। रिपोर्ट आने से पहले वह बदायूं स्थित अपनी ससुराल लौट गई। महिला के संक्रमित मिलने की सूचना पर मुरादाबाद स्वास्थ्य विभाग ने उसके मायके पक्ष संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू कर दी है।
परिवार के सदस्यों को दवा देने के साथ ही उनकी सैंपलिंग कराई जाएगी। वहीं, महिला की रिपोर्ट बदायूं स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है, ताकि उसके ससुराल पक्ष के संपर्क में आए लोगों की भी जांच कराई जा सके। महिला को घर में आइसोलेट रखने के निर्देश दिए जाएंगे। डिप्टी सीएमओ और जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रवीण श्रीवास्तव का कहना है कि नए मरीज की पुष्टि के साथ जिले में स्वाइन फ्लू के कुल संक्रमितों की संख्या 14 हो गई है। हालांकि, जिला अस्पताल से बुधवार को एक मरीज को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई। आठ माह की गर्भवती महिला का स्वाइन फ्लू का इलाज जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा था। स्वस्थ होने के बाद उसे डिस्चार्ज किया गया।
अस्पताल से छुट्टी मिलने पर महिला ने डॉक्टरों का आभार जताया। उसने बताया कि स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद दो निजी अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया था। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार किया गया। आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज ने भी निजी अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने की बात कही। उसका कहना है कि जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर निजी अस्पताल में उसे भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए, जहां उसका इलाज चल रहा है।
न मशीन ठीक हुई, न आईं जांच किट
स्वाइन फ्लू के मरीज हर दिन मिल रहे हैं लेकिन जिला अस्पताल में जांच की व्यवस्था अब तक बहाल नहीं हो सकी है। न तो जांच करने वाली मशीन ठीक हो पाई और न ही जांच के लिए किट आई हैं। फिलहाल मरीजों को निजी अस्पतालों में ही जांच करानी पड़ रही है। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच ट्रू-नेट मशीन से होगी। ट्रू-नेट मशीन ठीक है और जांच किट भी बृहस्पतिवार तक आने की उम्मीद है। इसके बाद जरूरतमंद लोगों को निजी अस्पतालों में या निजी पैथोलॉजी लैब में जांच नहीं करानी पड़ेगी। एसआईसी डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि आरटीपीसीआर जांच किट प्रदेश में एक ही कंपनी बना रही है, इसलिए सभी जिलों में एक साथ उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल रेपिड एंटीजन किट अस्पताल को मिल गई हैं। इनसे जांच कर पाएंगे।