मुरादाबाद। सिविल लाइंस के प्रकाश इंक्लेव में नेहा गुरुवार को भी छह घंटे ससुराल के बाहर धरने पर बैठी रही। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने महिला से बातचीत कर उसका पक्ष जाना। इसके बाद अफसरों ने उसे ससुराल में जबरन एंट्री दिलवाने से साफ इंकार कर दिया। कहा कि वह लिखित में शिकायत करें। तब ही कार्रवाई की जाएगी। गुरुवार शाम महिला ने सीओ दफ्तर में प्रार्थना पत्र देकर ससुराल में भिजवाने की गुहार लगाई है। 17 घंटे पति के घर के बाहर धरना देने के बाद भी उसे एंट्री नहीं मिल पाई।
प्रकाश इंक्लेव निवासी मनीष डोडा की शादी अलीगढ़ निवासी नेहा के साथ 18 अप्रैल 2017 को हुई थी। पति पत्नी के बीच विवाद चल रहा है। जिस कारण नेहा करीब एक साल से अपने मायके में रह रही है। बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे नेहा अपनी बच्ची रियांशी को लेकर ससुराल पहुंची थी, लेकिन सास ससुर ने गेट नहीं खोला था। नेहा ने कहा कि उसने करवाचौथ का व्रत रखा है। अपने पति से मिलने आई है।
दरवाजा नहीं खोला गया तो नेहा वहीं धरने पर बैठ गई थी। रात साढ़े दस बजे तक लगभग 11 घंटे वह वहीं बैठी रही। मां बेटी को ठंड में बैठा देख पड़ोसियों ने उसे अपने घर में शरण दी थी। गुरुवार सुबह दस बजे फिर से महिला ससुराल के बाहर बैठ गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर एएसपी कुलदीप सिंह गुनावत और थाना प्रभारी नवल मारवाह पहुंच गए थे। दोनों अधिकारियों ने नेहा की बात सुनी। उसे बताया गया कि वह कोर्ट का आदेश लेकर आएं या फिर थाने में केस दर्ज कराएं। इस वक्त पुलिस जबरन ससुराल में एंट्री नहीं करवा सकती है। गुरुवार शाम चार बजे नेहा ससुराल से वापस चली गई। नेहा का कहना है कि उसके बच्ची की तबीयत खराब है। वह बच्ची को डाक्टर के पास लेकर गई थी। इसके बाद नेहा ने सीओ सिविल लाइंस दफ्तर में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। सीओ दफ्तर से महिला के प्रार्थना पत्र को काउंसलिंग के लिए महिला थाने भेज दिया गया है।
बच्ची की तबीयत बिगड़ी,
मुरादाबाद। कई घंटे तक मां के साथ ठंड में घर से बाहर बैठने से नेहा की बच्ची रियांशी की तबीयत बिगड़ गई। नेहा ने बताया कि गुरुवार सुबह उसने बच्ची को डाक्टर के यहां दिखाया। बच्ची को दवा दिलाने के बाद वह ससुराल में धरने पर बैठने गई थी। शाम को फिर से बच्ची की तबीयत खराब हो गई है। दोबारा फिर से बच्ची को डाक्टर के पास लेकर गई थी।
पति से कोई बैर नहीं, मैं अपना घर बचाना चाहती हूं
मुरादाबाद। महिला नेहा ने सीओ दफ्तर में दिए प्रार्थना पत्र में लिखा है कि घर से बाहर ठंड में बैठने से मेरी व मेरी बच्ची की तबीयत खराब हो गई है। मुझे अपनी ससुराल वालों और पति कोई बैर नहीं है। अपना परिवार बचाना चाहती हूं। मैं अपनी विधवा मां पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं। मैं अपनी ससुराल में रहना चाहती हूं। मुझे मेरी ससुराल में सुरक्षा से भिवजाया जाए।
घर में घुसकर आत्महत्या कर हमें फंसाना चाहती है नेहा
मुरादाबाद। नेहा की सांस ऊषा डोडा ने महिला थाने में तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बहू नेहा और उसके मायके वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि नेहा ने मायके वालों की शह पर करवा चौथ के दिन घर में घुसने की कोशिश की। हमने नेहा को घर में नहीं घुसने दिया। नेहा अपने मायके वालों के उकसाने पर हमारे घर में आत्महत्या कर सकती है। इस मामले की जांच कराकर सही कार्रवाई की जाए।
महिला को समझाया गया कि वह कोर्ट का आदेश लाए या फिर थाने में तहरीर दे। पुलिस किसी के घर में जबरन एंट्री नहीं करा सकती है। शाम चार बजे महिला चली गई है।
नवल मारवाहा, थाना प्रभारी, सिविल लाइंस